लेबनान की राजधानी बेरूत में कल (17 सितंबर) सिलसिलेवार धमाके हुए हैं। इससे 11 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 2700 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले पेजर (वायरलेस कम्यूनिकेशन डिवाइस) में यह ब्लास्ट हुआ है। हिजबुल्लाह और लेबनान ने विस्फोटों के लिए इजरायल को दोषी ठहराया है। वहीं, तेल अवीव ने आरोपों का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसके दो लड़ाके मारे गए हैं। वहीं खबर है कि इन धमाकों में ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस घटना में लेबनान में ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी भी घायल हुए हैं। वहीं हिज्बुल्ला के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह सबसे बड़ा सुरक्षा उल्लंघन है। हिजबुल्लाह की ओर से पेजर्स में हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं। जो इस सीरियल ब्लास्ट के पीछे की वजह पता करने के लिए बड़े स्तर पर जांच कर रही हैं।
घायलों में 200 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर
घायलों में 200 से ज्यादा लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी घायलों को लेबनान की राजधानी बेरूत और उसके दक्षिणी उपनगरों में स्थित दहिह के अस्पतालों में ले जाया गया है। जिन पेजरों में विस्फोट हुआ है, वे लेटेस्ट मॉडल थे। उन्हें हिज्बुल्लाह की ओर से लाया गया था। बेरूत के दक्षिण लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है। इस घटना में एक सांसद के बेटे की भी मौत की खबर है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने हिजबुल्लाह के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बेटे घायल हुए हैं। हिजबुल्लाह सांसद अली अम्मार ने अपने बेटे महदी की हत्या के बाद एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा कि ये लेबनान के खिलाफ इजरायल की नई लड़ाई है। इसका सही वक्त पर सही तरीके से बदले की कार्रवाई की जाएगी।
सीरिया में भी 100 से ज्यादा जगह पेजर ब्लास्ट
लेबनान के अलावा सीरिया के कुछ इलाकों में भी पेजर फटने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिया में ऐसे 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं।
हिजबुल्लाह ने स्मार्टफोन पर लगाई थी रोक
बता दें कि कुछ महीने पहले ही हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरुल्ला ने अपने लड़ाकों से स्मार्टफोन इस्तेमाल न करने की अपील की थी। इसकी वजह ये रही कि इजरायल के पास स्मार्टफोन को हैक या उसमें से जानकारी निकालने की तकनीक है। इस वजह से ही हिजबुल्ला ने अपने संचार माध्यम को बेहतर बनाने के लिए स्मार्टफोन की जगह पेजर का सहारा लिया था।