वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन (Yevgeny Prigozhin) के रूस के खिलाफ बगावत की खबर ने दुनिया को चौंकाया है। इसकी वजह यह है कि वैगनर प्रमुख के लड़ाके अब तक यूक्रेन पर हमलों में रूसी सेना का साथ दे रहे थे। अब उन्होंने अपने हथियारों का निशाना रूसी सैनिकों की तरफ कर दिया है। इससे रूसी सरकार भी सकते में आ गई है। इस बीच प्रिगोझिन का दावा है कि उसके लड़ाकों ने रूसी शहर रोस्तोव को कब्जे में ले लिया है। कुछ मीडिया खबरों में शहर में वैगनर और रूसी सैनियों के बीच लड़ाई शुरू हो जाने के बारे में बताया गया है।
वैगनर प्रमुख ने कहा है कि रूसी सेना ने उसके ट्रेनिंग सेंटर्स पर मिसाइल से हमले किए हैं, जिससे उसके कई लड़ाके मारे गए हैं। इसके खिलाफ प्रिगोझिन ने रूस के खिलाफ बगावत कर दी है। वैगनर ग्रुप में 25-30 हजार लड़ाके होने का अनुमान है। ये लड़ाके अब तक रूसी सेना का साथ दे रहे थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से इस ग्रुप में रूस के खिलाफ असंतोष दिख रहा रहा था। मई में प्रोगझिन का एक वीडियो आया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके लड़ाकों के पास हथियारों की कमी हो गई है। उन्होंने रूसी सेना पर मदद नहीं करने का भी आरोप लगाया गया था।
बहुत बड़े नुकसान की आशंका नहीं
वैगनर के लड़ाकों को पुतिन की प्राइवेट सेना कहा जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्राइवेट आर्मी के लड़ाकों को बहुत खतरनाक हथियार नहीं दिए जाते हैं। इस बीच, इस बात की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है कि वैगनर ग्रुप के सभी लड़ाके अपने चीफ के साथ हैं या सिर्फ कुछ लड़ाकों ने अपने चीफ के साथ यह विद्रोह किया है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि वैगनर के लड़ाकों के बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाने की आशंका नहीं है। हालांकि, प्रिगोझिन का यह विद्रोह कई ऐसे मैसेज देता है, जो रूस के खिलाफ जा सकता है।
रूस ने सड़कों पर टैक्स उतारे
मीडिया खबरों में यह भी कहा गया है कि वैगनर के लड़ाके क्रेमलिन की तरफ बढ़ रहे हैं। हालात की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी दी गई है। हालांकि, यह माना जा रहा है कि यह मामला रूस का आंतरिक मामला है। इस बीच, रूस में सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है। कई शहरों में सड़कों पर टैंक देखने को मिले हैं। वैगनर ग्रुप को विदेश से मदद मिलने की भी आशंका जताई गई है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। वैगनर के लड़ाकों की पहचान क्रूर लड़ाकों के रूप में रही है।