7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को नए साल पर अपने वेतन को लेकर अच्छी खबर मिल सकती है। कर्मचारियों का बेसिक वेतन बढ़ सकता है। अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मोदी सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन तय करता है। अगर मोदी सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन यानी बेसिक सैलरी बढ़कर 26,000 हो सकता है।
26 हजार रुपये हो जाएगी मिनिमम बेसिक पे (Minimum Basic Pay)
केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है तो केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन अपने आप बढ़ जाएगा। फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक वेतन तय करता है। फिटमेंट फैक्टर को आखिरी बार 2016 में बढ़ाया गया था, जिसमें कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 6,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये किया गया था। फिटमेंट फैक्टर में संभावित बढ़ोतरी से न्यूनतम बेसिक वेतन 26,000 रुपये हो सकता है। अभी न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये है, जो बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगा।
अगर बेसिक पे 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाता है तो मंहगाई भत्ता भी बढ़ जाएगा। महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) बेसिक वेतन के 31 फीसदी के बराबर है। DA का कैलकुलेशन डीए की दर को बेसिक पे से गुणा करके निकाला जाता है। यानी बेसिक वेतन बढ़ने से अपने आप महंगाई भत्ता भी बढ़ जाएगा।
अगले साल सरकार बढ़ा सकती है DA
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार 2022 की शुरुआत में DA 3 प्रतिशत बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 20,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत सरकारी कर्मचारियों के DA का कैलकुलेशन बेसिक वेतन के आधार पर की जाती है। अक्टूबर में 3 प्रतिशत और जुलाई में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद मौजूदा डीए की दर 31 प्रतिशत है।