8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बिग अपडेट! सैलरी में 70% से ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जानें HRA और DA का ये नया गणित
8th Pay Commission Salary Hike: ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन सहित कई प्रमुख कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके अनुसार एक्स-कैटेगरी के शहरों में काम करने वाले लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी करीब ₹37080 से बढ़ाकर लगभग ₹63500 करने की सिफारिश की गई है। यह सीधे तौर पर 71% तक की कुल बढ़ोतरी को दर्शाता है
लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹37080 से बढ़कर ₹63500 हो सकती है
8th Pay Commission Salary Hike Proposals: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बेहद जबरदस्त खबर आ रही है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की ओर से सौंपे गए नए प्रस्तावों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी में 70% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
यह अनुमानित बढ़ोतरी सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं है। बल्कि, बेसिक पे में संशोधन, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में बढ़ोतरी और डियरनेस अलाउंस (DA) के मर्जर के संयुक्त प्रभाव के कारण यह आंकड़ा 70% के पार जा रहा है। आइए समझते हैं कि इस नए प्रस्ताव का पूरा गणित क्या है और लेवल-1 के कर्मचारियों की सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा।
लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹37080 से बढ़कर हो जाएगी ₹63500
ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) सहित कई प्रमुख कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके अनुसार एक्स-कैटेगरी (X-Category) के शहरों में काम करने वाले लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी करीब ₹37080 से बढ़ाकर लगभग ₹63500 करने की सिफारिश की गई है। यह सीधे तौर पर 71% तक की कुल बढ़ोतरी को दर्शाता है।
आपको बता दें कि ये आंकड़े कर्मचारी यूनियनों द्वारा की गई सिफारिशों और प्रस्तावों पर आधारित हैं। यह सरकार या आठवें वेतन आयोग का अंतिम फैसला नहीं है। अंतिम निर्णय वेतन आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।
70% से ज्यादा सैलरी बढ़ने की मुख्य वजहें क्या हैं?
सिर्फ बेसिक पे बढ़ने से सैलरी इतनी ज्यादा नहीं भागती, बल्कि बेसिक पे के साथ जुड़े अन्य भत्ते भी ऑटोमैटिकली बढ़ जाते हैं। यूनियनों ने ये मांगें रखी हैं:
DA का बेसिक पे में विलय: कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि नए पे-स्केल को तय करने और लागू करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज किया जाए। इससे सैलरी का आधार काफी बड़ा हो जाएगा।
हायर ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA): मासिक भत्ते को सीधे बढ़ाने के लिए ऊंचे ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सिफारिश की गई है।
HRA दरों में संशोधन: शहरों की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट अलाउंस बढ़ाने का प्रस्ताव है।
HRA में बड़े बदलाव की तैयारी: X, Y और Z शहरों का नया ढांचा
केंद्र सरकार ने रहने के खर्च और आबादी के हिसाब से शहरों को तीन श्रेणियों- X, Y और Z में बांटा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे बड़े महानगर X कैटेगरी में आते हैं, जहाँ रहने का खर्च सबसे ज्यादा है।
वर्तमान में HRA की दरें 30%, 20% और 10% हैं। यूनियनों ने आठवें वेतन आयोग के तहत इसे बढ़ाकर 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
प्रोजेक्शंस और अनुमानों के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना है कि, '70% से अधिक की अनुमानित वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर पर नहीं, बल्कि कई मान्यताओं के संयोजन पर आधारित है। हालांकि संशोधित बेसिक पे मुख्य ड्राइवर है, लेकिन चूंकि HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे घटक सीधे बेसिक पे से जुड़े होते हैं, इसलिए बेस बढ़ते ही पूरी सैलरी का पैकेज काफी बड़ा दिखने लगता है।'
वैसे ये सभी बातें इस पर निर्भर करेंगी कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर क्या रहता है और सरकार अलाउंस के इस नए स्ट्रक्चर को किस तरह स्वीकार करती है। जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपता, इसे एक मजबूत उम्मीद या संकेतक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ओडिशा में यूनियनों की बैठकें समाप्त होने और पश्चिम बंगाल में नए दौर की चर्चाएं शुरू होने के साथ ही, कर्मचारियों के बीच इस 70% सैलरी हाईक के फॉर्मूले पर बहस और तेज हो गई है।