8th CPC State Visits Schedule: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति अब कर्मचारी संघों, पेंशनभोगी संघों और केंद्र सरकार तथा केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों से फीडबैक लेने के लिए विभिन्न राज्यों के दौरों की शुरुआत कर रही है।
इस प्रक्रिया में आयोग अगस्त और सितंबर के दौरान देश के प्रमुख शहरों का दौरा करेगा, जहां केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा होगी।
8वें वेतन आयोग के राज्यों के दौरों का पूरा शेड्यूल
वेतन आयोग ने अगस्त और सितंबर के लिए अपने दौरों की आधिकारिक समयसीमा तय कर दी है:
जयपुर, चेन्नई और पुडुचेरी बैठकों के लिए संबंधित पक्ष 18 अगस्त तक और चंडीगढ़ बैठक के लिए 25 अगस्त तक अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।
बैठकों का मुख्य एजेंडा क्या है?
यद्यपि आयोग ने आधिकारिक रूप से कोई एजेंडा जारी नहीं किया है, लेकिन प्रमुख कर्मचारी संघों द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों के आधार पर बैठकों में इन प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा:
फिटमेंट फैक्टर और बेसिक पे: बेसिक पे स्ट्रक्चर में सुधार और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाना।
महंगाई से राहत: बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के अनुकूल वेतन में संशोधन।
भत्तों का पुनर्गठन: हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) जैसे भत्तों को व्यावहारिक बनाना।
पेंशन और सेवानिवृत्ति सुरक्षा: पेंशनभोगियों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा और पेंशन सुधार।
कर्मचारी कल्याण: कार्य स्थितियों, मनोबल और मुआवजे में प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार।
किन लोगों को होगा इस फैसले से लाभ?
कब तक लागू होगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?
3 नवंबर 2025 को गठित इस आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं। आयोग की रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समयसीमा मई 2027 तय की गई है। रिपोर्ट आने के बाद सिफारिशों को पूरी तरह से लागू करने में दो से तीन साल लग जाते हैं। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाले वेतन इजाफे का पूर्ण लाभ कर्मचारियों को 2029 या 2030 तक मिल सकता है।
कर्मचारी संघों और पेंशनभोगियों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली ये बैठकें बेहद अहम हैं क्योंकि इन्हीं के सुझावों के आधार पर वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा। आने वाले दिनों में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का खाका इन बैठकों के नतीजों पर ही निर्भर करेगा।