8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें हैं। आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव पर काम कर रहा है। अब तक 10 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। आयोग अलग-अलग शहरों में कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों से सुझाव ले रहा है।
पेंशनर्स संगठनों ने पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। कुछ संगठन मौजूदा 50% पेंशन को बढ़ाकर आखिरी वेतन का 67% करने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ संगठनों ने फैमिली पेंशन को आखिरी वेतन के 50% तक करने की मांग की है।
सिविलियन पेंशनर्स के लिए वन रैंक वन पेंशन जैसी व्यवस्था की मांग भी उठी है। हालांकि, इनमें से किसी मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
अभी कितनी है न्यूनतम पेंशन?
7वें वेतन आयोग के तहत पेंशन की गणना आम तौर पर आखिरी बेसिक पे या सेवा के आखिरी 10 महीने के औसत बेसिक पे के आधार पर होती है। इस हिसाब से लेवल 4 से 7 तक की न्यूनतम पेंशन इस तरह है।
फिटमेंट फैक्टर से बदलेगा पूरा हिसाब
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम रहेगा। अभी इसका आधिकारिक आंकड़ा तय नहीं हुआ है। कर्मचारी संगठन 3.8 से 4 गुना तक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।
समझने के लिए अगर 7वें वेतन आयोग का 2.57 फिटमेंट फैक्टर उदाहरण के तौर पर लें, तो पेंशन में बड़ा बदलाव दिख सकता है।
लेवल 7 की पेंशन करीब ₹58,000 हो सकती है?
2.57 के फिटमेंट फैक्टर के उदाहरण में Level 7 की न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹22,450 से बढ़कर करीब ₹57,700 हो सकती है। यानी यह लगभग ₹58,000 तक पहुंच सकती है।
लेकिन यह सिर्फ एक अनुमानित कैलकुलेशन है। 8वें वेतन आयोग ने अभी फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है। इसलिए ₹58,000 को तय पेंशन मानना सही नहीं होगा।
पुराने पेंशनर्स भी दायरे में आएंगे?
1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी पेंशन रिविजन का लाभ देने की मांग उठी है। इस संबंध में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने सरकार को ज्ञापन दिए हैं। DoPT ने कुछ मांगों को आगे कार्रवाई के लिए भेजा है। इसका मतलब यह नहीं है कि मांग मंजूर हो गई है।
कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। ऐसे में रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है।
फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, पेंशन बढ़ोतरी और पुराने पेंशनर्स को शामिल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा जारी है। अंतिम तस्वीर आयोग की सिफारिश और सरकार के फैसले के बाद ही साफ होगी।
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