8th Pay Commission Updates: 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर लेवल 7 एंप्लॉयीज का HRA कितना बढ़ जाएगा?

8th Pay Commission Updates: केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का HRA बेसिक पे के हिसाब से तय होता है। इसमें एंप्लॉयीज के पोस्टिंग के शहर के हिसाब से बदलाव देखने को मिलता है। 2017 में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर ने शहरों को तीन कैटेगरी X, Y और Z में बांटा था

अपडेटेड Sep 05, 2026 पर 7:05 PM
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आठवें वेतन आयोग के अगले साल मई-जून तक अपनी सिफारिशें सौंप देने की उम्मीद है।

8th Pay Commission Updates: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर न सिर्फ केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी बल्कि एचआरए भी बढ़ेगा। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक पे में होने वाले बदलाव का सीधा असर हाउस रेंट अलाउन्स (एचआरए) पर पड़ेगा। खासकर बड़े शहरों में रहने वाले एंप्लॉयीज पर ज्यादा फर्क पड़ेगा।

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का HRA बेसिक पे के हिसाब से तय होता है। इसमें एंप्लॉयीज की पोस्टिंग के शहर के हिसाब से बदलाव देखने को मिलता है। 2017 में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर ने शहरों को तीन कैटेगरी X, Y और Z में बांटा था। यह तय किया गया था कि एक्स शहरों में एचआरए रेट 24 फीसदी होगा। Y शहरों में 16 फीसदी और Z शहरों में 8 फीसदी होगा।

इस कैलकुलेशन के आधार पर एक्स, वाय और जेड शहरों में मिनिमम HRA क्रमश: 5,400 रुपये, 3,600 रुपये और 1,800 रुपये है। यह भी कहा गया था कि महंगाई भत्ता (DA) 25 फीसदी पार कर जाने पर एचआरए बढ़कर 27 फीसदी, 18 फीसदी और 9 फीसदी हो जाएगा। DA के 50 फीसदी के पार करने के बाद यह 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हो जाएगा।


चूंकि DA 2024 में 50 फीसदी के पार हो गया, जिससे X, Y और Z शहरों के लिए एचआरए बढ़कर क्रमश: 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी हो गया। यह समझ लेना जरूरी है कि एक्स कैटेगरी के तहत मेट्रो शहर आते हैं। इनमें Delhi, Mumbai, Kolkata, Chennai, Bengaluru और Hyderabad शामिल हैं। Y कैटेगरी के तहत ऐसे शहर आते हैं, जहां की आबादी 5 लाख से 50 लाख के बीच होती है। Z कैटेगरी के तहत जो एक्स और वाय कैटेगरी से बाहर हैं।

नीचे के इलेस्ट्रेशन में बताया गया है कि बेसिक पे बढ़ने पर अलग-अलग पे लेवल के एंप्लॉयीज के एचआरए पर किस तरह से असर पड़ेगा। इस कैलकुलेशन के लिए तीन फिटमेंट फैक्टर 2 गुना, 2.5 गुना और 3 गुना को ध्यान में रखा गया है। साथ ही एचआरए के लिए बेसिक पे के मौजूदा 30 फीसदी, 20 फीसदी और 10 फीसदी रेट को ध्यान में रखा गया है।

table 1

केंद्र सरकार के लेवल 7 के एंप्लॉयीज के मामले में टेबल में यह माना गया है कि 3 गुना फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक बे बढ़कर 1,34,700 रुपये हो जाएगी। इस नए बेसिक पे पर एंप्लॉयीज का एचआरए उसके शहर की कैटेगरी पर निर्भर करेगा।

30 फीसदी HRA (X cities): ₹40,410

20 फीसदी HRA (Y cities): ₹26,940

10 फीसदी HRA (Z cities): ₹13,470

table2

2.5 गुना फिटमेंट फैक्टर पर एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़कर 1,40,250 रुपये हो जाएगा। इस बेसिक पे पर मंथली एचआरए इस तरह होगा:

30 फीसदी HRA (X cities): ₹33,675

20 फीसदी HRA (Y cities): ₹ 22,450

10 फीसदी HRA (Z cities): ₹ 11,225

table 3

इसी तरह अगर फिटमेंट फैक्टर 2 गुना रहता है तो लेवल 7 एंप्लॉयीज का बेसिक पे बढ़कर 89,800 रुपये हो जाएगा। इस बेसिक पे पर शहर के हिसाब से एंप्लॉयीज का मंथली एचआरए इस तरह होगा:

30 फीसदी HRA (X cities): ₹40,410

20 फीसदी HRA (Y cities): ₹26,940

10 फीसदी HRA (Z cities): ₹ 13,470

आठवें वेतन आयोग के अगले साल मई-जून तक अपनी सिफारिशें सौंप देने की उम्मीद है। उसके बाद सरकार उस पर विचार करेगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद उसे लागू कर दिया जाएगा। अनुमान है कि इसे अगले साल के आखिर तक लागू किया जा सकता है। हालांकि, एंप्लॉयीज को इस साल जनवरी से एरियर का पेमेंट भी होगा।

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