SEBI की कार्रवाई का सामना करने वाले 95 फीसदी इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स ट्रेडिंग कॉल्स देते हैं, ARIA की स्टडी के नतीजे

मार्केट रेगुलेटर ने 2013 में इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स के लिए गाइडलाइंस जारी की थी। इसे 2020 में अपडेट किया गया था। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले कई एडवाइजर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जनवरी 2013 से 14 जून, 2023 तक सेबी की तरफ से पारित 78 मुख्य आदेशों का विश्लेषण किया गया। इसमें यह पाया गया कि 74 आदेश अनरजिस्टर्ड एंटिटी के खिलाफ दिए गए हैं

अपडेटेड Oct 02, 2023 पर 1:12 PM
देश में 918 रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (RIA) हैं। इनमें से 78 फीसदी के खिलाफ सेबी में किसी तरह की शिकायत नहीं की गई है।

SEBI की तरफ से दिए गए कुल आदेश में से 95 फीसदी का संबंध इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स से है। इनमें इंडिविजुअल और फर्म दोनों शामिल हैं। एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड इनवेसमेंट एडवाइजर्स (ARIA) की स्टडी से यह जानकारी मिली है। ये एडवाइजर्स इनवेस्टमेंट को ट्रेडिंग कॉल देते हैं। स्टडी के मुताबिक, सेबी के सिर्फ 5 फीसदी आदेशों का संबंध ऐसे एडवाइजर्स से हैं, जो निवेशक की स्थितियों को ध्यान में रखकर वित्तीय सलाह देते हैं। ARIA का मानना है कि इससे पता चलता है कि मौजूदा नियमों को आसान बनाने की जरूरत है।

कई एडवाइजर्स का मानना है कि इंडिया में रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (RIA) की सुस्त ग्रोथ का यह बड़ा कारण है। मार्केट रेगुलेटर ने 2013 में इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स के लिए गाइडलाइंस जारी की थी। इसे 2020 में अपडेट किया गया था। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले कई एडवाइजर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

orders against ria


जनवरी 2013 से 14 जून, 2023 तक सेबी की तरफ से पारित 78 मुख्य आदेशों का विश्लेषण किया गया। इसमें यह पाया गया कि 74 आदेश अनरजिस्टर्ड एंटिटी के खिलाफ दिए गए हैं। 22 आदेश रजिस्टर्ड एंटिटी के खिलाफ दिए गए। इनमें से ज्यादातर ऑर्डर्स का संबंध उन एडवाइजर्स से है, जिन्होंने अपने क्लाइंट्स को ट्रेडिंग कॉल्स दी थी। अनरजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स के मामले में समस्या बड़ी थी। इनमें से करीब हर एडवाइजर्स को ट्रेडिंग कॉल देने का दोषी पाया गया। अभी ट्रेडिंग कॉल्स देने के लिहाज से इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की कोई आधिकारिक परिभाषा नहीं है।

number of orders

ARIA ने जो परिभाषा दी है, उसमें कहा गया है कि ऐसा व्यक्ति जो नॉन-डिलीवरी ट्रेड्स , इक्विटी इंट्राडे, डेरिवेटिव और लिवरेज्ड ट्रेडिंग की सलाह देता है, वह इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स की कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि ट्रेडिंग कॉल देने वाला व्यक्ति लंबी अवधि के निवेश और लक्ष्य आधारित इनवेस्टमेंट की जगह स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग की सलाह देता है। सेबी की तरफ से दिए गए 78 आदेशों के विश्लेषण से यह भी पता चला है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ज्यादातर इनवेस्टर्स का संबंध मध्य प्रदेश से है। सिर्फ इंदौर के एडवाइजर्स या फर्म के खिलाफ 32 आदेश पारित किए गए थे।

इंदौर की पहचान इंडिया के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में रही है। इसकी पहचान स्टॉक टिपर्स और स्पेक्युलेटिव ट्रेडर्स वाले शहर में के रूप में भी बन रही है। इन एडवाइजर्स की तरफ से दी गई सलाह की वजह से कई इनवेस्टर्स को लॉस उठाना पड़ा है। इंदौर के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले सबसे ज्यादा एडवाइजर्स बेंगलुरु, मदुरई, सूरत, अहमदाबाद और मुंबई के थे। अभी SEBI निवेशकों की शिकायतें SCORES के जरिए मंगाता है। ARIA के विश्लेषण के मुताबिक, देश में 918 रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (RIA) हैं। इनमें से 78 फीसदी के खिलाफ सेबी में किसी तरह की शिकायत नहीं की गई है।

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