एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त की आज है डेडलाइन, अगर चूके तो लगेगी इतनी पेनल्टी! जानिए बचने का ये तरीका

Advance Tax Deadline: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त जमा करने की आज 15 सितंबर आखिरी तारीख है। अगर आप यह डेडलाइन मिस करते हैं तो आपको पेनल्टी देनी पड़ सकती है। जानिए 36% पेमेंट वाला सेफ्टी नियम क्या है और डेडलाइन मिस होने पर पेनल्टी से बचने के लिए क्या करना चाहिए

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 1:30 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
जानिए एडवांस टैक्स क्या है, किसे देना जरूरी है, चूकने पर कितना ब्याज लगेगा और अगर आज पेमेंट न हो पाए तो क्या करना चाहिए

Advance Tax Deadline 15 September 2026: अगर आपकी कमाई सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि आपको ब्याज, शेयर बाजार, डिविडेंड या फ्रीलांसिंग से भी कमाई होती है, तो आज का दिन आपके लिए बेहद अहम है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त जमा करने की आज यानी 15 सितंबर आखिरी तारीख है।

अगर आप आज यह टैक्स जमा करने से चूक जाते हैं या कम रकम जमा करते हैं, तो आयकर विभाग आपसे पेनल्टी के रूप में ब्याज वसूलेगा। जानिए एडवांस टैक्स क्या है, किसे देना जरूरी है, चूकने पर कितना ब्याज लगेगा और अगर आज पेमेंट न हो पाए तो क्या करना चाहिए।

क्या होता है एडवांस टैक्स?


आसान शब्दों में कहें तो एडवांस टैक्स कमाई के साथ-साथ टैक्स चुकाने की व्यवस्था है। इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 403 से 410 के तहत, टैक्सपेयर्स को अपना पूरा टैक्स साल के अंत में आईटीआर (ITR) भरते समय एक साथ देने के बजाय चार किश्तों में चुकाना होता है।

किसे देना होता है एडवांस टैक्स?

अगर टीडीएस और टीसीएस कटने के बाद आपकी अनुमानित सालाना टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे ज्यादा बनती है, तो आपके लिए एडवांस टैक्स देना अनिवार्य है।इसमें नौकरीपेशा, फ्रीलांसर, बिजनेसमैन और सीनियर सिटीजंस (जिनकी बिजनेस इनकम नहीं है, उन्हें छोड़कर) सभी शामिल हैं।

एडवांस टैक्स की किश्तों का शेड्यूल

आयकर नियम के अनुसार पूरे साल के अनुमानित टैक्स को इस तरह जमा करना होता है:

15 जून: कुल अनुमानित टैक्स का 15%

15 सितंबर: कुल अनुमानित टैक्स का 45%

15 दिसंबर: कुल अनुमानित टैक्स का 75%

15 मार्च: कुल अनुमानित टैक्स का 100%

आज पेमेंट मिस हुई या कम दी, तो कितना लगेगा ब्याज?

15 सितंबर तक अगर आप अपनी कुल टैक्स देनदारी का 45% जमा करने में विफल रहते हैं, तो इनकम टैक्स की धारा 234C के तहत ब्याज वसूला जाता है। बकाया रकम पर 1% प्रति माह की दर से 3 महीने के लिए (कुल 3% ब्याज) चार्ज लगेगा।

'GenZCFO' के सह-संस्थापक और सीईओ मनीष मिश्रा के मुताबिक, नियम में एक बड़ी राहत दी गई है। अगर आपने 15 सितंबर तक कुल टैक्स का कम से कम 36% भी जमा कर दिया है, तो आपसे कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा, भले ही टारगेट 45% का हो। लेकिन अगर आपका कुल पेमेंट 36% से कम रहता है, तो ब्याज की गणना पूरे 45% के लक्ष्य से बची हुई राशि पर की जाएगी।

सेक्शन 234B का नियम: अगर पूरे साल में आपका कुल एडवांस टैक्स 31 मार्च तक कुल देनदारी के 90% से कम रहता है, तो अगले साल 1 अप्रैल से अतिरिक्त 1% प्रति माह का ब्याज (सेक्शन 234B) भी जुड़ना शुरू हो जाएगा।

शेयर बाजार या एफडी की कमाई का क्या नियम है?

कैपिटल गेन्स (शेयर या प्रॉपर्टी बिक्री से मुनाफा) और डिविडेंड जैसी कमाई अचानक होती है। नियम के अनुसार, अगर आपको जून की किश्त के बाद और सितंबर से पहले शेयर बाजार या किसी संपत्ति से मुनाफा हुआ है, तो आप उस पर बनने वाला टैक्स 15 सितंबर की किश्त में शामिल करके भर सकते हैं। इसके लिए आप पर पहले से अनुमान न लगाने का कोई जुर्माना नहीं लगेगा।

बैंक एफडी और सेविंग्स अकाउंट के ब्याज को कई लोग भूल जाते हैं। एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) चेक करके इस कमाई को जोड़ना न भूलें।

अगर आज डेडलाइन मिस हो जाए, तो क्या करें?

अगर आप आज 15 सितंबर की डेडलाइन तक एडवांस टैक्स जमा नहीं कर पाए हैं या कम जमा किया है, तो टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि 15 दिसंबर की अगली किश्त का इंतजार कतई न करें।

इकनॉमिक लॉज प्रैक्टिस के पार्टनर राहुल चरखा के अनुसार तुरंत ये कदम उठाएं:

री-कैलकुलेशन करें: अपनी अनुमानित सालाना कमाई पर बनने वाले टैक्स की दोबारा गणना करें। इसमें से कटा हुआ टीडीएस घटाएं।

जितनी जल्दी हो सके चालान भरें: अगले ही दिन या जितनी जल्दी हो सके बची हुई रकम 'Self-Assessment/Advance Tax' चालान के जरिए ऑनलाइन जमा कर दें। इससे आपका ब्याज का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।

अगली डेडलाइन का रखें ध्यान: 15 दिसंबर तक कम से कम 75% और 15 मार्च तक 100% टैक्स जमा होना सुनिश्चित करें। 31 मार्च तक जमा किया गया टैक्स भी एडवांस टैक्स ही माना जाता है, लेकिन देरी से ब्याज बढ़ता है।

एडवांस टैक्स की गणना के लिए हर किश्त से पहले अपनी आय (विशेषकर फ्रीलांस, एफडी ब्याज और शेयर ट्रेडिंग) का दोबारा आकलन करना सबसे समझदारी भरा कदम है। आज ही अपना AIS चेक करें और अगर टैक्स बनता है, तो पोर्टल पर जाकर तुरंत ऑनलाइन भुगतान कर पेनल्टी से बचें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।