Air India के पायलटों ने कल से दी 'औद्योगिक कार्रवाई' की चेतावनी, जानिए हड़ताल से कितना अलग होता है यह

Air India के पायलटों ने कल से दी 'औद्योगिक कार्रवाई' की चेतावनी, जानिए हड़ताल से कितना अलग होता है यह

पायलटों ने तीन दिनों के भीतर 'अवैध वेतन कटौती' को वापस न लेने पर औद्योगिक कार्रवाई की चेतावनी दी है

अपडेटेड Nov 30, 2021 पर 5:04 PM | स्रोत : Moneycontrol.comAir India के पायलटों ने दी औद्योगिक कार्रवाई की चेतावनी

एयर इंडिया के पायलटों की दो यूनियनों ने "वेतन कटौती वापस न होने" और "विनिवेश से जुड़े कुछ पुराने मु्द्दों" के न सुलझने पर कल यानी बुधवार 1 दिसबंर से औद्योगिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। दोनों यूनियनों ने एयर इंडिया से तीन दिनों के अंदर मांगों को मांगने या औद्योगिक कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी है।

जानकारी के मुताबिक इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) और इंडियन पायलट्स गिल्ड (IPG) की तरफ से यह चेतावानी जारी की गई है। इन दोनों यूनियनों से करीब 1,000 पायलट जुड़े हैं। अगर ये पायलट औद्योगिक कार्रवाई को अमल में लाते हैं, तो एयर इंडिया की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। घाटे में चल रही एयर इंडिया फिलहाल सरकार के नियंत्रण में है लेकिन जल्द ही इसे अपने नए मालिक टाटा समूह को सौंप दिया जाएगा।

ICPA और IPG ने 29 नवंबर को एयर इंडिया के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर और मौजूदा सिविल एविएशन सेक्रेटरी राजीव बंसल को लिखे लेटर में कहा है, "15 दिसंबर 2021 से भारत आने-जाने वाली सभी शेड्यूल कमर्शियल इंटरनेशनल उड़ानों को फिर से शुरू से करने के साथ ही लगभग सभी एयरलाइन कंपनियों ने कोरोना के दौरान वेतन में की गई कटौती के फैसले को वापस ले लिया है। अगर हमें तीन दिनों के भीतर वेतन में 55 पर्सेंट की अवैध कटौती वापस होती हुई नहीं दिखती है और विनिवेश से जुड़े पुराने मुद्दों को नहीं सुलझाया जाता है तो हमारे पास 'औद्योगिक कार्रवाई' के जरिए न्याय पाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"

सूत्रों ने बताया कि औद्योगिक कार्रवाई के लिए तीन दिन नहीं, बल्कि 14 दिनों का नोटिस देना होगा। ICPA और IPG ने इसी तरह का एक लेटर 17 नवंबर को भी लिखा था।

ICPA मुख्यतौर पर एयर इंडिया की कमचौड़ी बॉडी वाले फ्लाइट्स के पायलटों का प्रतिनिधित्व करती है, जो एयर इंडिया की Airbus A320 के बेड़े को उड़ाते हैं। वहीं IPG, बोइंग 777 और बोइंग 787 जैसे चौड़ी बॉडी वाले फ्लाइट के बेड़े को ऑपरेट करने वाले पायलटों का प्रतिनिधित्व करती है। ये फ्लाइट यूरोप, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रैलिया जैसी लंबी दूरी की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

आमतौर पर औद्योगिक कार्रवाई का मतलब होता है कि पायलट सिर्फ एकदम नियम के मुताबिक ही काम पर जाएंगे (यानी की जितने घंटे काम करने का नियम है और काम से जुड़े जो दूसरे नियम हैं, वह एकदम उसी के मुताबिक काम करेंगे और एक भी सेकेंड इसके अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगे। न ही जरूरत पड़ने पर नियम से अतिरिक्त कोई और कार्य करेंगे।" यह पायलटों के दक्षता को कम कर सकता है और एयर इंडिया के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को बाधित कर सकता है।

एयर इंडिया की लंबी दूरी के उड़ानों को ऑपरेट करने वाले पायलटों का कहना है कि उनके वेतन में कटौती का निर्णय गलत है। खासकर यह देखते हुए कि कैसे उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालते हुए कोरोना महामारी के पीक के समय कोविड-प्रभावित देशों की यात्रा की और वहां से लोगों को लेकर आए।

MoneyControl News

MoneyControl News

First Published: Nov 30, 2021 5:04 PM