Gorakhnath Temple Attack: सिरफिरा नहीं बेहद शातिर है गोरखनाथ मंदिर में हमला करने वाला मुर्तजा अब्बासी, जांच में हुए कई बड़े खुलासे

Gorakhnath Mandir में हमला करने वाला आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी के पास से जो डॉक्यूमेंट मिले हैं, इससे पता चलता है कि वो सिरफिरा या सनकी नहीं बल्कि शातिर किस्म का हमलावर है

अपडेटेड Apr 05, 2022 पर 1:37 PM
हमलावर युवक IIT मुंबई से 2015 में केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुका है

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Mandir) में हमला करने वाला आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी (Ahmad Murtaza Abbasi) के पास से जो डॉक्यूमेंट मिले हैं, इससे पता चलता है कि वो सिरफिरा या सनकी नहीं बल्कि शातिर किस्म का हमलावर है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसका शातिराना अंदाज अब खुलकर सामने आ रहा है।

लखनऊ में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फेंस में बताया कि गोरखनाथ मंदिर के बाहर पुलिस के जवानों पर किया गया हमला एक गंभीर साजिश का हिस्सा है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि यह आतंकी घटना है।


इस हमले में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि हमलावर व्यक्ति आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए बदनीयती से मंदिर परिसर में घुसने का प्रयास कर रहा था, जिसे पीएसी एवं पुलिस के जवानों ने नाकाम कर दिया।

जांच में हुए कई खुलासे

गोरखनाथ मंदिर पर हमले के बाद हमलावर के पकड़े जाने पर पुलिस के उच्च अधिकारी पहले उसे सिरफिरा और सनकी मान रहे थे, लेकिन शुरूआती जांच में उसकी करतूत सामने आने के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। मुर्तजा अब्बासी के पास से जो डॉक्यूमेंट मिले हैं, इससे पता चलता है कि वो कट्टरपंथी जाकिर नाइक का बहुत बड़ा फैन है। उसके लैपटॉप से नाइक के कई वीडियो मिले हैं। उसने आईआईटी मुंबई (IIT Bombay) से 2015 में केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

वह परिवार के साथ मुंबई में रहता था, लेकिन अक्टूबर 2020 से गोरखपुर आकर रहने लगा। परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि अब्बासी शनिवार को ही घर से निकला था। घर में किसी से ज्यादा बात नहीं करता था और वह अपने कमरे से भी बहुत कम निकलता था। इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का माहिर मुर्तजा कुछ प्रतिबंधित साइट से भी जुड़ा हुआ था। हालांकि, मुर्तजा उनकी गतिविधियों में कितना संलिप्त था या नहीं, एजेंसियां उसकी जांच कर रही हैं।

कोरियर से मंगाया था लैपटॉप

मुर्तजा ने हाल में एक नया और महंगा लैपटॉप खरीदा था। जांच में खुलासा हुआ है कि 10 मार्च को कोरियर से उसके घर एक लैपटॉप पहुंचा था। उस लैपटॉप की कीमत तकरीबन एक लाख रुपये है। हालांकि, उसके पिता मुनीर अहमद अब्बासी (Munir Ahmed Abbasi) ने बताया कि उसका पुराना लैपटॉप खराब होने पर उन्होंने ही नया खरीदने के लिए पैसे दिए थे। मुनीर अब्‍बासी ने दावा किया कि उनका बेटा 2017 से मानसिक रूप से बीमार रहा है। हमलावर असल में बीमार है, या फिर वो किसी आतंकी संगठन से जुड़ा है, इसकी ATS और STF की अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं।

नेपाल-मुंबई कनेक्शन की जांच कर रही है ATS

सूत्रों का दावा है कि गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात PAC के जवानों पर हमला करने वाले आरोपी के बैग से मिली अरबी भाषा की मजहबी किताब में गोरखनाथ मंदिर का नक्शा था। मुर्तजा मुंबई और नेपाल के कई संदिग्ध लोगों से ऑनलाइन चैटिंग करता था। उसके नेपाल-मुंबई कनेक्शन को खंगालने के लिए के लिए UP ATS की एक टीम मुंबई पहुंच गई है।

14 दिन के न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

हमलावर को सोमवार को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ सोमवार को गोरखपुर पहुंचे और उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर हमले में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। प्रशांत कुमार ने बताया कि रविवार शाम मंदिर के गेट नंबर-1 पर आरोपी द्वारा किए गए हमले में दो जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।

उन्होंने बताया कि आरोपी के पास से कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुईं हैं, जिसको देखकर लगता है कि यह एक गंभीर साजिश का हिस्सा था। कुमार ने कहा कि आरोपी के पास से जो दस्तावेज बरामद हुए हैं, वे काफी सनसनीखेज हैं। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। कुमार ने कहा कि एक मामला पुलिस पर हमले के संबंध में गोरखनाथ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, जबकि धारदार हथियार के इस्तेमाल के संबंध में एक और मामला दर्ज किया गया है।

अल्लाहु अकबर का लगा रहा था नारा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने रविवार को ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाकर जबरन गोरखनाथ मंदिर परिसर में घुसने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आरोपी के कब्जे से बरामद सामान, उसके परिवार, रिश्तेदारों और पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नाथ संप्रदाय की सर्वोच्‍च पीठ है गोरखनाथ मंदिर

बता दें कि गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय की सर्वोच्‍च पीठ है और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ इस पीठ के महंत हैं। जानकारों के अनुसार, गोरक्ष पीठ की स्थापना 11वीं शताब्दी में हुई थी। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां एक महीने तक चलने वाला विशाल मेला लगता है जो ‘खिचड़ी मेला’ के नाम से प्रसिद्ध है।

गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अखिल कुमार ने पहले बताया था कि इस हमले में आरक्षी गोपाल कुमार गौड़ और अनिल पासवान घायल हो गए। दोनों को गुरु गोरखनाथ अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर कर दिया गया। एडीजी ने बताया था कि इस दौरान वह व्यक्ति भी घायल हो गया और उसका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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