Generic Aadhaar: जब अर्जुन देशपांडे 16 साल के थे तो उन्होंने एक ऐसी कंपनी की नींव रखी थी जो बाजार से भी सस्ते दामों में दवाइयां उपलब्ध करवाती थी। 21 साल की उम्र में अर्जुन देशपांडे Generic Aadhaar के CEO हैं। उनकी ये कंपनी लोगों को जेनेरिक दवाइयां 80-90 परसेंट डिस्काउंट पर देती है। मुंबई बेस्ड ये स्टार्टअप की वैल्यू अब 500 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। कंपनी को अब रतन टाटा का भी साथ मिल गया है।
Generic Aadhaar ने मार्केटर, डिस्ट्रिब्यूटर और स्टॉकिस्ट को अपनी चेन में से हटाकर दवाइयों के दाम को काफी होशियारी से कम किया है। उदाहरण के लिए Glimipride जिसका एक पत्ता कहीं भी आपको 110 रुपए में मिलता है वो आपको Generic Aadhaar पर सिर्फ और सिर्फ 5 रुपए में मिल जाएगा। दूसरी ओर Levocetrizine एंटी एलर्जिक दवाई आपको किसी भी रिटेल स्टोर पर 55 रुपए में मिलती है। इस दवाई का एक पत्ता Generic Aadhaar पर आपको 55 रुपए में मिल जाएगा।
अपने शुरुआती सालों में Generic Aadhaar देश की अलग-अलग सिटीज में तेजी से फैला और इसकी बदौलत अर्जुन देशपांडे को अपनी पहली Ted Talk में भी आने का मौका मिला। उनकी इस प्रेजेंटेशन पर रतन टाटा का भी ध्यान गया। रतन टाटा कंपनी के इनोवेटिव मॉडल से इतना इंप्रेस हुए कि उन्होंने इसमें इन्वेस्ट करने का मन बना लिया। तबसे रतन टाटा ने Generic Aadhaar को देश के आखिरी छोर तक पहुंचाने की ठान ली। अब पूरे देश में इस खास स्टार्टअप के 2000 से ज्यादा स्टोर्स हैं।
अप्रैल में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अर्जुन देशपांड की तारीफ की। Generic Aadhaar को लेकर किए गए उनके काम के चलते राष्ट्रपति ने उन्हें 'वंडर किड ऑफ फार्मा' बताया। अब कंपनी खुद को बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्री लंका, UAE और म्यांमार में फैलाने का प्लान बना रही है। अर्जुन देशपांडे ने बताया कि हम बहुत जल्द दुबई, ओमान, कंबोडिया और वियतनाम में स्टोर खोलने जा रहे हैं।
बढ़ानी है स्टोर्स की संख्या
कंपनी अपने स्टोर्स की संख्या में भी इजाफा करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य है कि वो बहुत जल्द वेटेरिनरी सेक्टर में 3000 स्टोर ओपन कर ले। 21 साल के अर्जुन देशपांडे का मानना है कि अगर हम पशुओं की दवाओं की कीमत कम करते हैं तो इससे किसानों पर पड़ने वाला दवाब कम होगा। कंपनी ने हाल ही में आंध्र प्रदेश में अपना पहला वेटेरिनरी स्टोर भी खोल दिया है।