Atal Pension Yojna: अटल पेंशन योजना (APY) 2015 में भारत सरकार ने शुरू की थी। ये पेंशन योजना सरकार भारतीय नागरिकों को उनकी वृद्धावस्था में आय का एक सोर्स देने के लिए चला रही है। ये पेंशन योजना खासकर उन लोगों के लिए चलाई जा रह है जो असंगठित सेक्टर में काम कर रहे हैं। अटल पेंशन योजना के तहत ग्राहक अपनी सुविधा के आधार पर मासिक, तिमाही या सालाना के आधार पर एक तय पैसा निवेश करता है। इसके बाद अंशदान को पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) इस पैसे को निवेश करता है। ये पैसा रिटायरमेंट के बाद ग्राहकों पेंशन के तौर पर दिया जाता है।
ये लोग उठा सकते हैं फायदा
यह योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के बीच के सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। 01 अक्टूबर 2022 से कोई भी नागरिक जो टैक्सपेयर्स है या रह चुका है, वह APY में शामिल होने के लिए पात्र नहीं है। यानी, वह इस योजना में निवेश नहीं कर सकते। अटल पेंशन योजना के तहत 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये हर महीने मिलती है। ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में पेंशन का पैसा नॉमिनी को मिल जाएगी।
क्यों पड़ती है पेंशन की जरूरत
उम्र के साथ पैसा कमाने की क्षमता में कमी।
एक परिवार की संख्या बढ़ना।
कमाने वाले सदस्यों का चले जाना।
कम आर्थिक निर्भरता के कारण वृद्धावस्था में गरिमापूर्ण जीवन जीना।
अभी सरकार अटल पेंशन में पैसा लगाने वाले लोगों को 1,000 रुपये लेकर 5,000 रुपये तक के 5 पेंशन स्लैब देती है। एक व्यक्ति जो अटल पेंशन योजना में एनरोल करके पैसा निवेश करता है उसे 60 साल की उम्र के बाद मृत्यु तक प्रति माह 5,000 रुपये अधिकतम पेंशन की गारंटी मिलती है। एक वित्तीय वर्ष में एक बार पेंशन की मिलने वाली पैसे में बदलाव कर सकता है। यदि ग्राहक की मृत्यु 60 साल की आयु से पहले हो जाती है, तो पति या पत्नी ग्राहक के अटल पेंशन योजना खाते में पेमेंट जारी रख सकता हैं।