Bank FD: आज से बदल गए बैंक FD के नियम! नई डिपॉजिट से पहले जान लें RBI का ये बड़ा फैसला

Bank FD New Rules October 1: आज 1 अक्टूबर से भारतीय रिजर्व बैंक ने बल्क एफडी पर डेली बेसिस पर ब्याज दरों को लेकर नया नियम लागू कर दिया है। अब बैंकों को रोज सुबह 10:10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नई ब्याज दरें पब्लिश करनी होंगी। जानिए कैसे इस कदम से बैंक मैनेजरों की मनमानी पर लगाम लगेगी और आम निवेशकों पर इसका क्या असर पड़ेगा

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 11:56 AM
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जानिए आज से आपकी एफडी और जमा राशि पर इसका क्या असर पड़ेगा

RBI Bulk Fixed Deposit New Rules: अगर आप बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने जा रहे हैं या बड़ा निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 30 जुलाई 2026 को जारी किए गए नए निर्देश आज 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं।

रिजर्व बैंक ने बैंकों द्वारा बल्क एफडी पर ब्याज दरें तय करने और उनके खुलासे के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नए नियम का मुख्य मकसद बैंक शाखाओं के बीच पारदर्शिता लाना और जमाकर्ताओं को एक समान ब्याज दर का लाभ देना है। जानिए आज से आपकी एफडी और जमा राशि पर इसका क्या असर पड़ेगा।

आज से क्या-क्या बदल गया? जानिए मुख्य बातें


आरबीआई के नए फ्रेमवर्क के तहत अब बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर अपनी ब्याज दरें तय समय पर सार्वजनिक करनी होंगी।

सुबह 10 बजे जारी होगी रेट लिस्ट: बैंकों को हर वर्किंग डे पर सुबह 10:00 बजे तक (10 मिनट के ग्रेस पीरियड के साथ, यानी सुबह 10:10 बजे तक) अपनी वेबसाइट पर बल्क एफडी की लागू ब्याज दरों की सूची अपलोड करनी होगी।

सभी शाखाओं में एक समान ब्याज दर: बैंक किसी भी ग्राहक से अलग-अलग शाखाओं में एक ही दिन और एक ही राशि के जमा पर मनमानी या अलग ब्याज दर नहीं दे सकेंगे। जो रेट ऑनलाइन दिखेगा, वही ब्रांच में भी देना अनिवार्य होगा।

नेगोशिएशन पर लगाम, पारदर्शिता को बढ़ावा: पहले बड़े निवेशक बैंक मैनेजर से बात करके अलग-अलग रेट तय करवा लेते थे। अब बैंकों को पहले से डिस्क्लोज किए गए शेड्यूल के हिसाब से ही ब्याज का भुगतान करना होगा।

बल्क डिपॉजिट क्या है और किसे माना जाएगा?

आरबीआई के नियमों के मुताबिक, शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों में ₹3 करोड़ या उससे अधिक की सिंगल टर्म डिपॉजिट को बल्क एफडी की श्रेणी में रखा जाता है।

क्या बैंक अभी भी अलग-अलग रेट ऑफर कर सकते हैं?

हां, लेकिन एक निश्चित दायरे में। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंक लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) फ्रेमवर्क के तहत लागू 'रन-ऑफ रेट्स' के आधार पर बल्क डिपॉजिट के अलग-अलग प्रॉडक्ट्स पर अलग ब्याज दर तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। यही छूट एनआरआई रुपये की बल्क एफडी पर भी लागू होगी। लेकिन जो भी रेट तय होगा, उसे सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर पब्लिश करना होगा।

आम एफडी निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आप ₹1 लाख, ₹5 लाख, ₹10 लाख या ₹25 लाख जैसी रेगुलर बैंक एफडी कराते हैं, तो आपके लिए कोई बड़ा प्रत्यक्ष बदलाव नहीं हुआ है। आम ग्राहकों को सुबह 10 बजे वेबसाइट पर रेट देखने की हड़बड़ी करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, आरबीआई के इस नियम का अप्रत्यक्ष फायदा रिटेल निवेशकों को भी मिलेगा क्योंकि अब बैंकों को सभी तरह की एफडी की दरें पहले से ही पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करनी होंगी।

बड़े जमाकर्ताओं के लिए सलाह

वेबसाइट चेक करें: ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा निवेश करने वाले निवेशक शाखा जाने से पहले सुबह 10:10 बजे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर रेट लिस्ट जरूर जांचें।

स्क्रीनशॉट रखें: जिस दिन आप बल्क एफडी बुक कर रहे हों, उस दिन प्रकाशित रेट कार्ड की कॉपी या स्क्रीनशॉट अपने पास सुरक्षित रखें।

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