Bank Strike: बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी और ट्रेड यूनियन ने फरवरी महीने में दो दिनों की हड़ताल की घोषणा की गई थी जिसे अब टाल दिया गया है। बैंक कर्मचारी 23 और 24 फरवरी को एक बार फिर हड़ताल करने वाले थे। अब इस पर ताजा अपडेट आया है कि अब इस हड़ताल को टाल कर 28 और 29 मार्च कर दिया गया है।
बैंक हड़ताल के लिए सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स (CTU) और अन्य संगठनों ने मिलकर 23 और 24 फरवरी बैंक हड़ताल करने की घोषणा की थी जो अब अगले महीने मार्च में होगी। इस हड़ताल में देश भर के सभी बैंकों के कर्मचारी शामिल होंगे। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (AIBEA) की केन्द्रीय कमेटी ने इस हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है।
संगठन के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने सभी संबंध बैंक संघों और सदस्यों को एक परिपत्र जारी कर यह जानकारी दी और इस हड़ताल में शामिल होने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने दो सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में पिछले साल 16 और 17 दिसंबर 2021 को बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक 2021 के विरोध में हड़ताल की गई थी। एसोसिएशन के मुताबिक यह सिर्फ लोगों के जीवन और जीवनयापन को बचाने की लड़ाई नहीं है बल्कि यह अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए भी किया जा रहा है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर सरकार की योजना के विरोध में बैंक यूनियन ने पिछले महीने 16 और 17 दिसंबर को हड़ताल की थी। तब बैंक हड़ताल का असर SBI, PNB, सेंट्रल बैंक और RBL बैंक के कामकाज पर पड़ा था। चेक क्लीयरेंस, फंड ट्रांसफर, डेबिट कार्ड से जुड़े काम भी अटक गए थे।