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बुजुर्गों के लिए सरकार ने खोली तिजोरी! 755 प्रोजेक्ट्स को मिले ₹77.98 करोड़, जानिए किसे होगा सीधा फायदा?

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े 755 प्रोजेक्ट्स के लिए ₹77.98 करोड़ जारी किए हैं। जानिए क्या है अटल वयो अभ्युदय योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना में किसे मुफ्त उपकरण मिलते हैं और एल्डरलाइन 14567 कैसे मदद करती है

Sushmit Sinhaअपडेटेड Oct 29, 2026 पर 11:11 AM
बुजुर्गों के लिए सरकार ने खोली तिजोरी! 755 प्रोजेक्ट्स को मिले ₹77.98 करोड़, जानिए किसे होगा सीधा फायदा?
केंद्र सरकार ने AVYAY के तहत IPSrC में 755 प्रोजेक्ट्स के लिए ₹77.98 करोड़ की ग्रांट जारी की है।

केंद्र सरकार ने देश के बुजुर्गों की देखभाल से जुड़े 755 प्रोजेक्ट्स के लिए ₹77.98 करोड़ की ग्रांट-इन-एड जारी की है। ये रकम 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए दी गई है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बुधवार को ये जानकारी दी। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, ये पैसा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम फॉर सीनियर सिटिजंस यानी IPSrC के तहत जारी हुआ है, जो अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) का एक हिस्सा है। रकम बड़ी है, प्रोजेक्ट्स की गिनती भी बड़ी है। लेकिन इस खबर का असली मतलब तब समझ आता है, जब हम ये देखते हैं कि ये पैसा जाता कहां है और किसके काम आता है।

755 प्रोजेक्ट्स, ₹77.98 करोड़ और एक तिमाही का हिसाब

ये ग्रांट वित्त वर्ष 2026-27 के लिए IPSrC के तहत जारी की गई है। IPSrC का काम है बुजुर्गों को संस्थागत देखभाल देना, यानी ऐसी जगहों पर सहारा देना जहां उनकी देखरेख एक व्यवस्था के तहत हो सके। इसके साथ ही उनसे जुड़ी दूसरी भलाई की सुविधाओं को भी यही प्रोग्राम सपोर्ट करता है।

अब इसे जरा गहराई से देखिए। एक ही तिमाही में 755 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स तक पैसा पहुंचा है। हर प्रोजेक्ट के पीछे कोई न कोई ऐसी जगह है, जहां बुजुर्गों को रहने, खाने या देखभाल का सहारा मिलता है। यानी ये सिर्फ सरकारी फाइल में दर्ज एक आंकड़ा नहीं है। ये उन लोगों की रोज की जिंदगी से जुड़ा पैसा है, जो उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहां सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ग्रांट-इन-एड का सीधा मतलब है सरकार की तरफ से दी जाने वाली मदद की रकम। ये पैसा उन प्रोजेक्ट्स को चलाने में लगता है, जो बुजुर्गों के लिए काम कर रहे हैं।

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