2000 Rupees: 2000 रुपये के नोट पिछले महीने से जमा होने लगे हैं। लोग अपने पास पड़ी इस करेंसी को बदलवाने के लिए बैंकों में जा रहे हैं। नोट जमा कराने को लेकर सरकार ने कोई लिमिट तय नहीं की है। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India – SBI) के पास 23 मई से 29 मई तक 2000 के नोटों के रूप में 14,000 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। बैंक के चेयरमैन दिनेश खारा ने एक इवेंट के दौरान इस बात की जानकारी दी है।
खारा ने बताया कि बैंक में ब्रांच नेवटर्क के जरिए 3,000 करोड़ रुपये के 2000 के नोट एक्सचेंज किये गए हैं।' उन्होंने कहा, '2000 के नोट अभी भी लीगल टेंडर बने हुए हैं। इन्हें बदलवाने के लिए लंबा समय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दिया है। इसलिए ग्राहकों में कोई उतावलापन नहीं है।
लोग 2000 रुपये के नोटों का क्या कर रहे हैं?
बैंक की रिपोर्ट से पता चलता है कि लोग 2000 रुपये के नोटों जमा कराने में तरजीह दे रहे हैं। नोट जमा करने की लिमिट नहीं होने से ज्यादातर लोग नोट जमा कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक के अलावा किसी दूसरे बैंक ने इस तरह के आंकड़े जारी नहीं किए हैं। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि 30 सितंबर तक 2000 रुपये के ज्यादातर नोट वापस लौट आएंगे। नोट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2023 तय की गई है। किसी भी बैंक ब्रांच में 2,000 रुपये का नोट बदलवाया जा सकते हैं। एक बार में सिर्फ 10 नोट ही बदले जा सकते हैं।
कब जारी हुए 2000 रुपये के नोट?
दरअसल, साल 2016 में हुई नोटबंदी के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नए नोट जारी किए थे। उस समय सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। RBI ने बताया कि 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने से मार्केट में कैश फ्लो की कोई दिक्कत नहीं होगी। इसकी वजह ये है कि सर्कुलेशन में 500 रुपये के पर्याप्त नोट हैं।