Aadhaar Card For Sex Workers: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (Unique Identification Authority of India -UIDAI) ने सेक्स वर्कर्स (Sex Workers) के लिए जबरदस्त दरियादिली दिखाई है। UIDAI ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित करते हुए कहा है कि सेक्स वर्कर्स आधार कार्ड बनाने में अब किसी तरह की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगर पूरा घर का पता नहीं है फिर भी बिना किसी प्रमाण पत्र के आधार कार्ड जारी किया जाएगा।
UIDAI ने कहा कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (National AIDS Control Organisation - NACO) द्वारा दिए जाने वाले प्रमाण-पत्र के आधार पर सेक्स वर्कर्स को आधार कार्ड (Aadhaar Card) जारी किया जाएगा। इनसे आधार कार्ड जारी करने के लिए किसी दूसरे डोमिसाइल सार्टिफिकेट (domicile certificate- रिहायशी प्रमाण-पत्र) नहीं मांगा जाएगा।
UIDAI ने सेक्स वर्कर्स से आधार कार्ड जारी करने के लिए आवासीय प्रमाण नहीं मांगने का फैसला किया है। इसके साथ ही UIDA I उस प्रमाण-पत्र स्वीकार करेगा जिसे किसी सेक्स वर्कर्स को NACO के Gazetted officer या राज्य के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मिला हो। बता दें कि NACO केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक विभाग है, और सेक्स वर्कर्स पर एक सेंट्रल डेटाबेस को मेंटेन करता है। यानी अब बिना एड्रेस प्रूफ के सेक्स वर्कर्स को आधार कार्ड मुहैया कराया जाएगा। आधार कार्ड भारत के नागरिकों के लिए एक बेहद अहम दस्तावेज में शामिल है।
किसी भी सराकरी योजनाओं या निजी कंपनियों में हर जगह आधार कार्ड की मांग की जाती है। कई योजनाओं में लाभ हासिल करने के लिए आधार कार्ड की मांग की जाती है। आधार कार्ड में कार्ड होल्डर्स का नाम, जन्मतिथि, बायोमेट्रिक डिटेल, ई-मेल आईडी और फोन नंबर आदि शामिल होते हैं। 12 अंकों की संख्या एक भारतीय व्यक्ति की डिजिटल पहचान है।
सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी सुनवाई
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। जिस पर लगातार सुनवाई चल रही है। जस्टिस एल.एन. राव पूरे भारत में सेक्स वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा लाभ मुहैया करने की एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, तब UIDAI ने इसके लिए सर्टिफिकेट का एक प्रस्तावित प्रोफार्मा (Proposed Proforma) सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा। जो इस कारोबार से बाहर निकलना चाहती हैं, उनके लिए एक पुनर्वास योजना तैयार करने के मुद्दे को भी सुनवाई में शामिल किया गया। ऐसे में सेक्स वर्कर्स को सामान्य जीवन देने के लिए UIDAI का यह फैसला बेहद कारगर साबित होगा।