EPFO ने बहाल की ऑनलाइन पासबुक की सुविधा, इस वजह से बंद की गई थी सर्विस

EPFO ने एक हफ्ते से ज्यादा के समय के बाद अपनी ऑनलाइन पासबुक सुविधा को एक बार फिर से बहाल कर दिया है। बता दें कि 12 जनवरी को ईपीएफओ द्वारा टेक्निकल खराबी के चलते ऑनलाइन पासबुक सुविधा को बंद कर दिया गया था

अपडेटेड Jan 18, 2023 पर 7:14 PM
EPFO ने ऑनलाइन पासबुक सर्विस को फिर से बहाल कर दिया है

तकनीकी खराबी के चलते जनवरी के पहले हफ्ते में ईपीएफओ (EPFO) की ऑनलाइन पासबुक सुविधा को बंद कर दिया गया था। एक हफ्ते के अंतराल के बाद अब ईपीएफओ ने दोबारा से अपनी ऑनलाइन पासबुक सुविधा (EPFO Online Passbook Service) की सर्विस को बहाल कर दिया है। बता दें कि 12 जनवरी को जब हमारे द्वारा यानी मनीकंट्रेल की टीम की तरफ से ईपीएफ (EPF) वेबसाइट को एक्सेस करने की कोशिश की गई थी तो वेबसाइट पर एक संदेश लिख कर आ रहा था। इस संदेश में कहा गया था कि सेवा को शाम पांच बजे तक बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि इसके बाद EPFO द्वारा 18 जनवरी तक ऑनलाइन पासबुक की सेवा को बहाल किया गया है।

बहाल हुई EPFO की ऑनलाइन पासबुक सर्विस

बता दें कि 18 जनवरी की शाम मनीकंट्रोल (Moneycontrol Hindi) की टीम के द्वारा वेबसाइट के साथ साथ ही साथ उमंग ऐप पर भी ऑनलाइन पासबुक सर्विस को एक्सेस करने की कोशिश की गई। फिलहाल यह सुविधा सही तरीके से काम कर रही है। ईपीएफओ के सदस्य unifiedportal-mem.epfindia.gov.in और ई-पासबुक पोर्टल passbook.epfindia.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पासबुक को एक्सेस कर सकते हैं। बता दें कि तकनीकि खराबी के चलते ऐप के जरिए भी ऑनलाइन पासबुक सर्विस को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया था। उमंग विभिन्न सरकारी सेवाओं तक आसानी से पहुंच उपलब्ध करवाने वाला एक ऐप है। आमतौर पर ईपीएफओ सदस्य पोर्टल के बजाय उमंग ऐप के माध्यम से स्टेटमेंट निकालना ज्यादा आसान होता है। बता दें कि पीएफ बैलैंस, ब्याज समेत सभी तरह की जानकारियों के लिए पासबुक डिटेल की जरूरत पड़ती है।

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टेक्निकल खराबी के चलते नहीं मिल पा रही थी सुविधा


बता दें कि ऑनलाइन तरीके से पासबुक एक्सेस न कर पाने की वजह से कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसकी शिकायत की थी। ईपीएफओ ई-पासबुक सुविधा महीने-वार और वित्तीय वर्ष के लिए आपके ईपीएफ खाते में जमा राशि को प्रदर्शित करती है। इसके जरिए नियोक्ता और कर्मचारी के हिस्से के साथ-साथ ईपीएस (कर्मचारियों की पेंशन योजना) के हिस्से को भी देखा जा सकता है। वहीं वित्तीय वर्ष के लिए क्रेडिट किया गया ब्याज भी इसमें शामिल होता है।

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