EPFO: PF बैलेंस पर इस साल कितनी मिलेगी ब्याज, अगले महीने होगा ऐलान

EPFO: CBT ने 2020-21 के लिए EPF जमा पर 8.5 फीसदी की ब्याज दर मार्च 2021 में तय की थी

अपडेटेड Feb 13, 2022 पर 4:57 PM
कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

EPFO: फिस्कल ईयर 2021-22 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (Employees' Provident Fund (EPF) जमा पर ब्याज दरें अगले महीने तय की जाएंगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (Central Board of Trustee – CBT) की मीटिंग अगले महीने गुवाहाटी में होने जा रही है, जिसमें चालू वित्त वर्ष के लिए ब्याज दरों पर फैसला लिया जाएगा। यह मीटिंग वित्त वर्ष के आखिरी में है। इस बात की जानकारी केंद्रीय श्रम मंत्री (Union Labour Minister) भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) ने दी है।

यह पूछे जाने पर कि क्या EPFO 2021-22 के लिए भी 2020-21 की तरह 8.5 फीसदी की ब्याज दर को कायम रखेगा। इस पर यादव ने कहा कि यह फैसला अगले वित्त वर्ष के लिए आमदनी के अनुमान के आधार पर किया जाएगा। बता दें कि भूपेंद्र यादव CBT के प्रमुख भी हैं।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) ने साल 2020-21 के लिए EPF पर जमा 8.5 फीसदी की ब्याज दर मार्च 2021 में तय की थी। वित्त मंत्री ने अक्टूबर, 2021 में इस रेट को मंजूरी दी थी। उसके बाद EPFO ने अपने फील्ड कार्यालयों (field offices) को पेंशनर के अकाउंट्स में 2020-21 के लिए 8.5 फीसदी का ब्याज डालने का निर्देश दिया था। CBT द्वारा ब्याज दर पर फैसला लेने के बाद इसे वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) की अनुमति के लिए भेजा जाता है। मार्च, 2020 में EPFO ने भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर को घटाकर 2019-20 के लिए 8.5 फीसदी के सात साल के निचले स्तर पर ला दिया था।


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EPFO ने 2018-19 में 8.65 फीसदी का ब्याज दिया गया था। वहीं साल 2016-17 और 2017-18 में भी 8.65 फीसदी का ब्याज दिया था। 2015-16 में ब्याज दर 8.8 फीसदी थी। इसके अलावा साल 2013-14 में 8.75 फीसदी और 2014-15 में भी 8.75 फीसदी का ही ब्याज दिया गया था। हालांकि, 2012-13 में ब्याज दर 8.5 फीसदी थी और 2011-12 में यह 8.25 फीसदी थी।

EPFO ने दी अहम जानकारी

EPFO ने जनवरी में एक आंकड़ा जारी कर बताया कि उसने नवंबर, 2021 में 13.95 लाख मेंबर जोड़े हैं, जो पिछले एक साल पहले से करीब 38 फीसदी अधिक हैं। निश्चित वेतन पर रखे गए (पेरोल) कर्मचारियों के ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। EPFO के अस्थायी पेरोल आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में 13.95 लाख मेंबर जोड़े गए हैं। यह अक्टूबर, 2021 के मुकाबले 2.85 लाख या 25.65 फीसदी अधिक है। श्रम मंत्रालय ने इस मामले में एक बयान में कहा, सालाना आधार पर तुलना की जाए, तो मेंबर की संख्या में 3.84 लाख की बढ़ोतरी हुई है। नवंबर, 2020 में EPFO ने 10.11 लाख सब्सक्राइबर्स जोड़े थे।

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