अगर आप ईपीफओ (EPFO) के मेंबर हैं और पेंशन पर हाइयर पेंशन पाना चाहते हैं तो आपके पास इसके लिए अप्लाई करने के लिए केवल 3 दिन का वक्त बचा है। हाइयर पेंशन के लिए अप्लाई करने की आखिरी डेट 3 मई है। फिलहाल इस डेट को आगे भी नहीं बढ़ाया जाएगा। हालांकि हाइयर पेंशन का फायदा केवल 1 सितंबर 2014 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों को ही दिया जाएगा।
1 सितंबर 2014 के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को इस सुविधा का फायदा नहीं दिया जाएगा। EPFO ने पहले इस फंड में केवल 15,000 रुपये तक की इनकम लिमिट को तय कर दिया था। इससे ज्यादा की इनवेस्टमेंट पेंशन फंड में नहीं की जा सकती थी। पेंशनर्स काफी लंबे वक्त से इस लिमिट को हटाए जाने की डिमांड कर रहे थे। जिसके बाद ईपीएफओ ने इस लिमिट को खत्म करने का फैसला किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अप्लाई करने के लिए दिया था 4 महीने का वक्त
सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर को अपने एक ऑर्डर में ऐसे पेंशनर्स को हाइयर पेंशन के लिए अप्लाई करने के लिए 4 महीने का वक्त दिया था। जो कि 3 मार्च को खत्म हो रहा था। हालांकि बाद में इसे आगे बढ़ा कर 3 मई कर दिया गया था। बता दें कि जो भी लोग हाइयर पेंशन के ऑप्शन को चुनते हैं उनके पास अपनी बेसिक सैलरी का 8.33 फीसदी हिस्से को पेंशन फंड में जमा करने की सहूलियत मिलेगी। इसे पहले केवल 15,000 रुपये तक की सैलरी से ही 8.33 फीसदी हिस्से को पेंशन फंड में जमा कर सकता था। वहीं अगर पुराने सिस्टम की बात करें तो कर्मचारी और उसके ऑफिस दोनों की तरफ से पेंशन फंड में 12-12 फीसदी का कंट्रीब्यूशन किया जाता था। बता दें कि इंप्लॉई की तरफ से जमा किया गया पूरा पैसा पीएफ अकाउंट में जाता है वहीं ऑफिस की तरफ से जमा किये गए पैसे का 3.67 फीसदी हिस्सा पीएफ में और 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जाता है।
ईपीएस से ही बनती है पेंशन
बता दें कि ईपीएस अकाउंट में ही जमा किए गए पैसे से पेंशन बनती है। पहले केवल 15,000 रुपये की अधिकतम सैलरी के हिसाब से उसका 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस अकाउंट में जाता था। अब इस लिमिट को खत्म कर दिया गया है। अब अगर किसी की बेसिक सैलरी और डीए उससे ऊपर जाता है तो उस रकम का 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में चला जाता है।