PAN-Aadhaar Link: 31 मार्च तक पैन को आधार से कराएं लिंक, वरना हो जाएगा बेकार, IT डिपार्टमेंट ने जारी की एडवाइजरी

IT डिपार्टमेंट ने एडवाइजरी में कहा है कि इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अनुसार, छूट की कैटेगरी में नहीं आने वाले सभी पैन धारकों के लिए यह अनिवार्य है। 31 मार्च 2023 से पहले पैन को आधार से लिंक कराना जरूरी है। ऐसा नहीं करने वाले लोगों का पैन एक अप्रैल 2023 से बेकार हो जाएगा

अपडेटेड Dec 24, 2022 पर 5:12 PM
अगर आपने अब तक अपने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है तो आपके लिए जरूरी खबर है।

PAN-Aadhaar Link: अगर आपने अब तक अपने परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है तो आपके लिए जरूरी खबर है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax department) ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि अगले साल के 31 मार्च तक पैन-आधार लिंक नहीं कराने वाले लोगों को पैन कार्ड बेकार हो जाएगा। डिपार्टमेंट ने आज 24 दिसंबर को अपने पब्लिक एडवाइजरी में कहा, "यह बेहद जरूरी है इसलिए इसमें देर ना करें। आज ही पैन को आधार से लिंक कराएं।" CBDT के मुताबिक एक बार PAN निष्क्रिय हो जाने पर शख्स को आईटी एक्ट के तहत नतीजे भुगतने होंगे।

IT डिपार्टमेंट ने एडवाइजरी में क्या कहा?

डिपार्टमेंट ने आगे कहा, "इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अनुसार, छूट की कैटेगरी में नहीं आने वाले सभी पैन धारकों के लिए यह अनिवार्य है। 31.3.2023 से पहले पैन को आधार से लिंक कराना जरूरी है। ऐसा नहीं करने वाले लोगों का पैन 1.04.2023 से बेकार हो जाएगा।" मई 2017 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, कुछ लोगों को इसमें छूट दी गई है। इस कैटेगरी में असम, जम्मू और कश्मीर और मेघालय में रहने वाले लोगों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, इसमें नॉन रेजिडेंट, 80 साल या उससे अधिक उम्र के लोग और विदेशी नागरिक भी आते हैं।


PAN बेकार हो जाने पर क्या होगा?

30 मार्च को, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें कहा गया कि एक बार PAN निष्क्रिय हो जाने पर शख्स को आईटी एक्ट के तहत नतीजे भुगतने होंगे। एक बार जब पैन बेकार हो जाने पर शख्स आई-टी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएगा, पेंडिंग रिटर्न की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी, पेंडिंग रिफंड जारी नहीं किया जा सकेगा, डिफेक्टिव रिटर्न के मामले में पेंडिंग कार्यवाही पूरी नहीं की जा सकेगी और हाई रेट पर टैक्स देना होगा। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि पैन सभी तरह के वित्तीय लेनदेन के लिए एक अहम केवाईसी दस्तावेज है, इसलिए बैंक समेत अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शख्स को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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