Pension Scheme: अब हिमाचल प्रदेश सरकार भी पुरानी पेंशन योजना की शुरुआत करने जा रही है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने घोषणा की है कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए मुख्य सचिव राम सुबाग सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। देशभर में सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं। नई पेंशन योजना को लागू करने का उद्देश्य आने वाले सालों में सरकार के कंधे से पेंशन पेमेंट के का बोझ खत्म करना था। अभी तक राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और झारखंड सरकार ने पुराने पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की है। यहां आपको बता रहे हैं कि पुरानी और नई पेंशन योजना में क्या अंतर है।
देश में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना 1 अप्रैल 2004 से बंद कर दी गई और नई राष्ट्रीय पेंशन योजना (National Pension System -NPS) लागू की गई। राजस्थान सरकार ने 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद नियुक्त सभी कर्मचारियों के लिए अगले वित्तीय वर्ष से पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय लिया। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद सेवा में शामिल होने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने की कोई योजना नहीं है।
क्या है पुरानी और नई पेंशन स्कीम में फर्क?
पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) में मिलती हैं ये सुविधा
- पेंशन के लिए वेतन से कटौती नहीं
- रिटायरमेंट पर निश्चित पेंशन यानी अंतिम वेतन पर 50 फीसद गारंटी मिलती है।
- पूरी पेंशन सरकार देती है।
- सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रित को पारिवारिक पेंशन और नौकरी मिलती है।
- जीपीएफ की सुविधा नहीं है।
- वेतन से प्रतिमाह 10 फीसद कटौती की जाती है।
- निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं मिलती। यह पूरी तरह शेयर बाजार और बीमा कंपनियों पर निर्भर होगी।
- नई पेंशन बीमा कंपनी देगी। यदि कोई समस्या आती है तो बीमा कंपनी से ही लड़ना पड़ेगा।
- महंगाई व वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलेगा।