PM Kusum Yojana: केंद्र सरकार ने पीएम कुसुम योजना की अवधि मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। इस स्कीम की शुरुआत साल 2019 में की गई थी। इसका मकसद साल 2022 तक 30800 मेगावाट की अतिरिक्त सौर क्षमता प्राप्त करना था।ऊर्जा मंत्री आरके सिह ने एक बयान में कहा कि कोरोना महामारी की वजह से पीएम-कुसुम योजना की रफ्तार में सुस्ती आई है। लिहाजा इसमें तेजी से काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगवाने की सुविधा मुहैया कराई जाती है। ताकि किसान सौर ऊर्जा का उपयोग कर कम खर्चे में बेहतर फसल उगा सकें। इससे उनकी फसल की लागत में कमी आएगी।
पीएम कुसुम योजना में किसानों को अपनी जमीन पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार से मदद मिलती है। किसानों को सोलर पंप लगवाने पर 90 फीसदी तक सब्सिडी (Solar Pump Yojana Subsidy) दी जाती है। इस योजना से करोड़ों किसानों को फायदा पहुंचा है।
किसानों को सिर्फ 10 फीसदी करना है खर्च
इस योजना के तहत किसानों को अपनी जमीन पर सोलर पैनल लगाने के लिए सिर्फ 10 फीसदी पैसे खर्च करना होता है। केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को बैंक अकाउंट में 60 फीसदी पैसे डाल देती हैं। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों की 30-30 फीसीद सब्सिडी दी जाती है। वहीं बैंक की ओर से 30 फीसदी लोन भी मिलता है। इस लोन को किसान अपनी होने वाली आमदनी से आसानी से चुका सकते हैं। किसानों को इस योजना से काफी फायदा हुआ है। इतना ही नहीं सिंचाई की समस्या भी काफी हद तक खत्म हुई है। इस सरकारी योजना से किसान बंजर भूमि को भी उपजाऊ बना सकते हैं।
पीएम कुसुम योजना के जरिए सोलर पंप सिस्टम से बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। अगर आपके इस्तेमाल के बाद बिजली बचती है तो बिजली बेच सकते हैं। अगर आपके पास बेकार खाली जमीन है। आप इसे सरकार को लीज पर देकर कमाई कर सकते हैं। आपके जमीन पर सोलर सिस्टम लगाने पर सरकार किराया देगी। अगर आपके पास 4 से 5 एकड़ जमीन है तो सालाना काफी मात्रा में बिजली उत्पादन कर सकते हैं और आसानी से लाखों रुपये कमा सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट https://www.india.gov.in/ पर जाकर इसका ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने के बाद, आपको आधार कार्ड, खसरा समेत जमीन के डॉक्यूमेंट्स देना होगा। इसके अलावा बैंक अकाउंट नंबर की भी जानकारी देनी होगी।