Post Office Hit Scheme: पोस्ट ऑफिस में जमा करें ₹15 लाख, हर महीने बिना कुछ किए खाते में आएंगे ₹9,250; देखें पूरा कैलकुलेशन
Post Office Monthly Income Scheme: अगर आप बिना जोखिम के हर महीने तय आय चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह केंद्र सरकार समर्थित स्मॉल सेविंग्स स्कीम है। इसे खासतौर पर रिटायर्ड लोगों और नियमित मासिक आय चाहने वाले निवेशकों के बीच काफी पसंद किया जाता है
Post Office Monthly Income Scheme: नौकरीपेशा और सीनियर सिटीजन्स के लिए पोस्ट ऑफिस का एक धांसू प्लान चर्चा में बना हुआ है
Post Office Monthly Income Scheme: अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ हर महीने निश्चित आय चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में जॉइंट अकाउंट के जरिए अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। मौजूदा 7.4 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से ₹15 लाख के निवेश पर हर महीने करीब ₹9,250 की नियमित आय मिलती है। आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें:-
पोस्ट ऑफिस MIS क्या है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक सरकारी बचत योजना है। इसका उद्देश्य निवेशकों को हर महीने निश्चित आय उपलब्ध कराना है। यह स्कीम खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों, रिटायर हो चुके लोगों और कम जोखिम के साथ नियमित मासिक आमदनी चाहने वाले निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस योजना में निवेश की गई मूल राशि पूरी तरह सुरक्षित रहती है। ब्याज का भुगतान हर महीने किया जाता है।
कितना कर सकते हैं निवेश?
पोस्ट ऑफिस MIS में एक व्यक्ति सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम ₹9 लाख तक निवेश कर सकता है। वहीं, जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख तक निवेश की अनुमति है। किसी व्यक्ति द्वारा सभी MIS खातों में किया गया कुल निवेश इन निर्धारित सीमाओं से अधिक नहीं होना चाहिए। इस योजना पर फिलहाल 7.4% सालाना ब्याज मिलता है, जिसका भुगतान हर महीने किया जाता है। ब्याज दर केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक तिमाही में तय की जाती है।
₹15 लाख निवेश पर हर महीने कितनी होगी कमाई?
यदि कोई निवेशक जॉइंट MIS अकाउंट में ₹15 लाख जमा करता है और मौजूदा 7.4 फीसदी वार्षिक ब्याज दर लागू रहती है, तो उसे सालाना ₹1,11,000 ब्याज मिलेगा। यानी हर महीने लगभग ₹9,250 की निश्चित आय उसके खाते में आएगी।
गणना इस प्रकार है:-
कुल निवेश: ₹15,00,000
ब्याज दर: 7.4% प्रतिवर्ष
वार्षिक ब्याज: ₹1,11,000
मासिक आय: लगभग ₹9,250
5 साल में कितना होगा कुल फायदा?
पोस्ट ऑफिस MIS की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष है। यदि ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं होता, तो निवेशक को पूरे 60 महीनों में कुल ₹5,55,000 ब्याज मिलेगा। मैच्योरिटी पूरी होने पर ₹15 लाख की मूल राशि भी वापस कर दी जाती है।
समय से पहले खाता बंद करने पर क्या हैं नियम?
इस योजना में खाता खोलने के एक वर्ष के भीतर उसे बंद करने की अनुमति नहीं है।
एक साल के बाद लेकिन तीन वर्ष से पहले खाता बंद करने पर जमा राशि का 2 प्रतिशत काट लिया जाएगा।
तीन वर्ष के बाद और मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने पर जमा राशि का 1 प्रतिशत काटा जाएगा और शेष राशि लौटा दी जाएगी।
क्या बैंक में खुल सकता है यह खाता?
नहीं। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम का संचालन डाक विभाग करता है। इसलिए यह खाता केवल डाकघर में ही खोला जा सकता है। किसी भी बैंक में POMIS अकाउंट खोलने की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
क्या मिलता है टैक्स बेनिफिट?
पोस्ट ऑफिस MIS में निवेश पर आयकर एक्ट की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती। इस योजना से मिलने वाला मासिक ब्याज निवेशक की कुल आय में शामिल होता है। उसके आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स योग्य होता है। हालांकि, पोस्ट ऑफिस इस ब्याज पर TDS नहीं काटता।
किन लोगों के लिए है बेहतर विकल्प?
जो लोग शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पों से दूर रहना चाहते हैं और हर महीने निश्चित आय चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस MIS एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक, रिटायर कर्मचारी और नियमित कैश फ्लो की जरूरत रखने वाले निवेशक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।