सरकार बेच रही है सस्ता सोना, जानें कब तक है आपके पास इसे खरीदने का मौका

सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना के तहत एक ट्रस्ट, HUF यानी यूनाइटेड हिंदू फैमिली, धर्मार्थ संस्थान, विश्वविद्यालय, या भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा निवेश किया जा सकता है। वहीं अगर इसमें अप्लाई करने की बात करें तो आप संबंधित जगह पर जाकर इसके लिए फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। इस फॉर्म में सोने का ग्राम, आवेदक का पूरा नाम और पता बताना पड़ता है। इसके अलावा फॉर्म में जरूरी दस्तावेज और जानकारियां भी शामिल होना चाहिए

अपडेटेड Jun 16, 2023 पर 4:08 PM
सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना के तहत एक ट्रस्ट, HUF यानी यूनाइटेड हिंदू फैमिली, धर्मार्थ संस्थान, विश्वविद्यालय, या भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा निवेश किया जा सकता है

अगर आप सोने (Gold) में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो यह आपके लिए काफी अच्छा अवसर आने वाला है। दरअसल भारत सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के जरिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की नई दो किश्तें जारी करने जा रही है। इसे लेकर रिजर्व बैंक की तरफ से एक प्रेस रिलीज भी जारी की गई है। इस प्रेस रिलीज के मुताबिक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की पहली किश्त 19-23 जून तक के लिए अवेलबल रहेगी। वहीं अगर दूसरी सॉवेरेन गोल्ड बॉन्ड की किश्त की बात की जाए तो यह 11-15 सितंबर के लिए उपलब्ध रहेगी।

कौन कर सकता है इसमें इनवेस्टमेंट

सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना के तहत एक ट्रस्ट, HUF यानी यूनाइटेड हिंदू फैमिली, धर्मार्थ संस्थान, विश्वविद्यालय, या भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति द्वारा निवेश किया जा सकता है। वहीं अगर इसमें अप्लाई करने की बात करें तो आप संबंधित जगह पर जाकर इसके लिए फॉर्म अप्लाई कर सकते हैं। इस फॉर्म में सोने का ग्राम, आवेदक का पूरा नाम और पता बताना पड़ता है। इसके अलावा फॉर्म में जरूरी दस्तावेज और जानकारियां भी शामिल होना चाहिए। साथ ही आपको पैन नंबर भी अवेलबल करना होगा।

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यहां से खरीद सकते हैं गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) को शेड्यूल कॉमर्शियल बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए बेचा जाएगा। वहीं इसमें आपको हर साल 2.50 फीसदी के हिसाब से इंटरेस्ट का फायदा भी मिलेगा। इसके अलावा सॉवेरेन गोल्ड बॉन्ड पर ब्याज 1961 के आयकर अधिनियम (1961 का 43) के नियमों के तहत कर योग्य है। हालांकि किसी व्यक्ति को इन बांडों को भुनाने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होता है। नो-योर-कस्टमर (केवाईसी) प्रक्रिया वास्तविक सोने की खरीद के समान ही होगी। आवश्यक दस्तावेज मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड/पैन या टैन/पासपोर्ट और अन्य केवाईसी दस्तावेज हैं।

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