UP Govt: दिव्यांगजनों को उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। शादी के समय मिलने वाला ग्रांट के लिए अब दिव्यांगजनों को दफ्तर के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। इतना ही नहीं दिव्यांगजनों को शादी का पंजीकरण रजिस्ट्रार कार्यालय में कराने के बाद प्रमाण पत्र लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ शादी का कार्ड दिखाकर पैसे हासिल कर सकते हैँ। इससे दिव्यांगजनों को शादी में मिलने वाले ग्रांट हासिल करने में सहूलियत होगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए कई सुविधाएं मुहैया करा रही है। सूबे में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दिव्यांगजनों को सहूलियत देने के लिए नियमों में काफी ढील दी है।
शासन की ओर से इस मामले में अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। इससे दिव्यांगजनों को इसका लाभ मिल सकेगा। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, 15,000 रु से 35,000 रु की धनराशि दिव्यांगजनों को शादी अनुदान के लिए मिलते है। अगर लड़का और लड़की दोनों ही दिव्यांग है तो फिर प्रोत्साहन राशि 35 हजार की व्यवस्था की गई हैं।
कहां कितनी मिली प्रोत्साहन राशि?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 8 दिव्यांगों को 2 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। बदायूं में दो दिव्यांग जोड़ों को 70,000 रु प्रोत्साहन राशि दी गई है। अगर पीलीभीत की बात करें, तो फिर एक दिव्यांग को 15,000 रु, शाहजहांपुर में पांच दिव्यांगों को 95,000 रु प्रोत्साहन राशि दी गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer – CMO) की ओर से दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके बाद दिव्यांगों को पेंशन की सुविध मुहैया कराई जाती है। मुरादाबाद में दिव्यांगजन की पेंशन पाने वालों की संख्या 12,814 है। प्रशासन का कहना है कि अभी और भी लोग हैं। जिनके पास दिव्यांगजन का प्रमाण पत्र है। लेकिन सरकारी सुविधाएं नहीं ले रहे हैं।
ऑनलाइन अप्लाई कर उठाएं फायदा
दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी सिद्धार्थ ने बताया कि इस वित्त वर्ष में अब दिव्यांगजन जोड़े को शादी अनुदान की प्रोत्साहन राशि पाने के लिए चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। अनुदान राशि हासिल करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। इस दौरान शादी का कार्ड भी लगाना होगा। इसमें शादी का कार्ड मान्य किया गया है। इससे दिव्यांगों के अन्य विभागों के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।