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Cricket World Cup का आयोजन इंडिया में 12 साल बाद, निवेशकों को कितना खुश होना चाहिए?

8 अक्टूबर को इंडियन टीम अपना पहला वर्ल्ड कैप मैच खेलेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस वर्ल्ड कप से इकोनॉमी को भी बूस्ट मिलेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इंडिया के ग्रॉस ऑउटपुट में इस आयोजन का कंट्रिब्यूशन 18,000-20,000 करोड़ रुपये रह सकता है। टीवी/ब्रॉडकास्ट स्पॉन्सरशिप खर्च में भी काफी उछाल देखने को मिला है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 06, 2023 पर 5:52 PM
Cricket World Cup का आयोजन इंडिया में 12 साल बाद, निवेशकों को कितना खुश होना चाहिए?

क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) का आगाज हो चुका है। 12 साल के बाद इंडिया में इसका आयोजन हो रहा है। क्रिकेट फैंस के लिए यह जश्न मनाने का मौका है। कंपनियां फैंस के उत्साह का फायदा उठाने की कोशिशों में लगी हैं। 8 अक्टूबर को इंडियन टीम अपना पहला वर्ल्ड कैप मैच खेलेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस वर्ल्ड कप से इकोनॉमी को भी बूस्ट मिलेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इंडिया के ग्रॉस ऑउटपुट में इस आयोजन का कंट्रिब्यूशन 18,000-20,000 करोड़ रुपये रह सकता है। टीवी/ब्रॉडकास्ट स्पॉन्सरशिप खर्च में भी काफी उछाल देखने को मिला है। हॉस्पिटलिटी, टिकट सेल्स, फूड डिलीवरी सहित कई सेक्टर्स की कंपनियां इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस आयोजन से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयरों में भी आने वाले दिनों में उछाल दिख सकता है।

जेफरीज की रिपोर्ट ने पेश की सही तस्वीर

निवेशकों के मन में बड़ा सवाल यह है कि इस आयोजन से कंजम्प्शन में कितना उछाल आएगा और इससे कंपनियों की कमाई कितनी बढ़ सकती है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले जेफरीज की रिपोर्ट की एक बात को ध्यान में रखना जरूरी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ सेक्टर्स को इस आयोजन से नुकसान हो सकता है, क्योंकि हफ्ते के अंत में लोग इसके मैच देखने के लिए घर में रहना पसंद करेंगे। इससे उन कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है, जिनका बिजनेस कस्टमर अराइवल पर टिका है। वीकेंड ट्रेवल में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। इसलिए जहां कुछ कंपनियों या सेक्टर को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है वही कुछ को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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