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बाजार में आई हाल की गिरावट के बावजूद रिटेल इनवेस्टर्स का जोश बढ़ा

भारतीय बाजार में रिटेल निवेशक लगातार अहम जगह लेते जा रहे हैं। आधारिक आंकड़ों के मुताबिक 2021 की ट्रेडिंग में इनकी हिस्सेदारी 45 फीसदी थी जो पिछले 5 साल की तुलना में 33 फीसदी ज्यादा थी.

MoneyControl Newsअपडेटेड May 17, 2022 पर 12:46 AM
बाजार में आई हाल की गिरावट के बावजूद रिटेल इनवेस्टर्स का जोश बढ़ा
पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में 1.42 नए रिटेल अकाउंट खुले थे। कोविड के बाद बाजार में आए उछाल ने रिटेल निवेशक जोरदार भागीदारी करते नजर आए हैं

पिछले साल अक्टूबर के रिकॉर्ड हाई से 14 फीसदी टूटने के बावजूद फ्यूचर मार्केट से संकेत मिल रहा है कि भारतीय खुदरा निवेशकों का जोश अभी भी हाई बना हुआ है। Bloomberg द्वारा संकलित आंकड़ों के मुताबिक किसी सिंगल स्टॉक फ्यूचर्स में आउटस्टैंडिंग लॉन्ग-टू-शॉर्ट पोजीशनों का अनुपात 3.74 के 10 साल के मध्यमान ( mean)के मुकाबले 6.74 गुना पर है। हालांकि यह जनवरी के 10.4 के स्तर से कम है। इस अनुपात में अभी भी कायम यह बढ़त इस बात का संकेत है कि इस साल स्टॉक मार्केट में आई गिरावट के बावजूद रिटेल निवेशक बाजार को लेकर आशावादी बने हुए हैं।

JM Financial Institutional Securities के श्रीनिवास बालसुब्रमण्यन (Shrinivas Balasubramanian) का कहना है कि इससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि बाजार में भारी जोखिम के बावजूद रिटेल निवेशक खतरा उठाने के मूड में है।

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गौरतलब है कि भारतीय बाजार में रिटेल निवेशक लगातार अहम जगह लेते जा रहे हैं। आधारिक आंकड़ों के मुताबिक 2021 की ट्रेडिंग में इनकी हिस्सेदारी 45 फीसदी थी जो पिछले 5 साल की तुलना में 33 फीसदी ज्यादा थी। पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में 1.42 नए रिटेल अकाउंट खुले थे। कोविड के बाद बाजार में आए उछाल ने रिटेल निवेशक जोरदार भागीदारी करते नजर आए हैं।

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