How to Invest Rs 10 lakh: इस साल शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 60,000 अंक पर था। जून में यह गिरकर एक साल के निचले स्तर पर आ गया। फिर से यह 60,000 अंक की ओर बढ़ता दिख रहा है। इससे इनवेस्टर्स उलझन में हैं। वे बाजार की दिशा को लेकर अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। वे जानना चाहते हैं कि उतार-चढ़ाव के बीच कहां निवेश करना फायदेमंद होगा। मनीकंट्रोल ने इन सवालों के जवाब जानने के लिए Mahindra Manulife Mutual Fund के एमडी और सीईओ Anthony Heredia से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो इनवेस्टर्स को यह समझना होगा कि उतार-चढाव वाले बाजार में एकमुश्त निवेश नहीं करना है। इनवेस्टर्स चाहें तो SIP या STP का इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा यह कि वे बाजार में गिरावट आने पर खरीदारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में एक्टिवली मैनेज्ड फंड्स में निवेश करना ठीक रहेगा। इसकी वजह यह है कि अभी चीजें तेजी से बदल रही हैं।
Anthony Heredia ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले बाजार में यह कहना मुश्किल है कि ब्लूचिप, लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप में किसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा। इसलिए निवेशकों को फ्लेक्सीकैप फंड्स में निवेश करना चाहिए। इस तरह के फंड बाजार की स्थितियों के मुताबिक छोटी-बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने के लिए आजाद होते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा ऑप्शन बैलेंस्ड एडवान्टेज फंड (BAF) है। इनवेस्टर्स BAF में एकमुश्त निवेश भी कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि शेयर महंगे होने पर यह इक्विटी में निवेश घटा देता है। शेयर सस्ते होने पर इक्विटी में निवेश बढ़ा देता है। अभी बाजार थोड़ा महंगा दिख रहा है।
Anthony Heredia ने कहा कि ज्यादा उम्र वाले निवेशकों को हमेशा अपने पोर्टफोलियो में फिक्स्ड रिटर्न इनवेस्टमेंट को जगह देनी चाहिए।
लंबी अवधि के निवेशकों को अपना SIP जारी रखना चाहिए। छोटी अवधि यानी एक-दो साल के लिए निवेश करने वाले लोगों को अभी शेयरों में पैसे लगाने से दूर रहना चाहिए। इसकी वजह यह है कि अभी बाजार की दिशा के बारे में कहना मुश्किल है। अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका असर मार्केट पर पड़ेगा।
Anthony Heredia ने कहा कि ज्यादा उम्र वाले निवेशकों को हमेशा अपने पोर्टफोलियो में फिक्स्ड रिटर्न इनवेस्टमेंट को जगह देनी चाहिए। अगर कोई इनवेस्टर्स रिटायरमेंट के करीब है तो उसे अपना कम से कम 50 फीसदी पैसा फिक्स्ड इंस्ट्रूमेंट में रखना चाहिए। इनवेस्टर्स को निवेश करते वक्त टैक्स के पहलू को भी ध्यान में रखने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि इंस्ट्रूमेंट के रिटर्न पर टैक्स का सीधा असर पड़ता है।
यह पूछने पर कि इनवेस्टर्स के लिए आपका सबसे निवेश मंत्र क्या होगा, उन्होंने कहा कि निवेश में अपने भावनाओं को काबू में रखना बहुत जरूरी है। इससे आप लंबी अवधि के लिए शेयरों में ज्यादा पैसे निवेश करने के फैसले ले सकते हैं। आप कितने भी बुद्धिमान हो, फ्यूचर का ठीक-ठीक अंदाजा लगाना आपके लिए मुश्किल होगा। इसीलिए intelligence quotient के मुकाबले emotional quotient ज्यादा अहम है।