इंडियन स्टूडेंट्स में विदेश में पढ़ने की चाहत बढ़ रही है। अगर आप खुद या अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाई के लिए भेजना चाहते हैं तो इस बारे में पहले से जान लेना अच्छा है। विदेश में पढ़ाई पर बहुत खर्च आता है। इंडिया में एक औसत मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बगैर स्कॉलरशिप या ग्रांट विदेश में पढ़ाई करना मुश्किल है। खासकर जब बात Ivy League of College की हो तो उसकी फीस के बारे में पहले से जान लेना फायदेमंद है।
आपको सबसे बताते हैं Ivy League of College का मतलब क्या है। आईवी लीग के तहत अमेरिकी की 8 यूनिवर्सिटीज आती हैं। इन्हें दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज माना जाता है। इनमें पढ़ना दुनिया के लाखों स्टूडेंट्स का सपना होता है। इनमें Harvard University (Massachusetts),Yale University (Connecticut), Princeton University (New Jersey), Columbia University (New York), Brown University (Rhode Island), Dartmouth College (New Hampshire), University of Pennsylvania (Pennsylvania), Cornell University (New York) शामिल हैं।
इनमें दाखिला मुश्किल है। हर साल बड़ी संख्या इंडियन स्टूडेंट्स इनमें अप्लाई करते हैं। लेकिन, यह जान लेना जरूरी है कि इनकी फीस बहुत ज्यादा है। इसलिए इन्हें दुनिया के सबसे महंगे कॉलेज माना जाता है। उदाहरण के लिए Harvard University में एक साल की फीस एक करोड़ रुपये से ज्यादा है। इतनी ज्यादा फीस का इंतजाम सेविंग्स के पैसे से करना मुश्किल है। इतना ज्यादा अमाउंट का बैंक से लोन मिलना भी मुश्किल है। अगर मिल भी जाए तो आपको बहुत ज्यादा EMI चुकानी होगी।
ऐसे में आपके लिए ग्रांट और स्कॉलरशिप का ऑप्शन बचता है। ऐसे कई ट्रस्ट और फाउंडेशन हैं जो इंडियन स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए ग्रांट देते हैं। इसके लिए फैमिली इनकम सहित कई शर्तें होती हैं। अगर आप स्कॉलरशिप चाहते हैं तो इसका आधार मेरिट होता है। कई देशों की सरकार और खुद यूनिवर्सिटीज भी कई तरह की स्कॉलरशिप ऑफर करती हैं। फिर भी, 100 फीसदी स्कॉलरशिप मिलना बहुत मुश्किल है। ज्यादातर मामलों में स्टूडेंट्स को 25-30 फीसदी तक स्कॉलरशिप आसानी से मिल जाती है।
कई देश विदेशी स्टूडेंट्स को बहुत ज्यादा स्कॉलरशिप या आर्थिक मदद देते हैं। जर्मनी इसका उदाहरण है। वहां विदेशी स्टूडेंट्स को ट्यूशन फीस नहीं चुकानी पड़ती है। कनाडा में भी विदेशी स्टूडेंट्स को सरकार की तरफ से बहुत मदद मिलती है। इंग्लैंड में भी इंडियन स्टूडेंट्स को पढ़ाई के लिए कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, अमेरिका में मिलने वाली स्कॉलरशिप कुल फीस का कुछ हिस्सा होती है।
इसलिए अगर आप अमेरिका में पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले उन ट्रस्ट, फाउंडेशंस, सरकारी विभागों की लिस्ट बनानी होगी, जो इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को फंडिंग करते हैं। आप ऑनलाइन रिसर्च कर यह लिस्ट बना सकते हैं। फिर, आपको स्कॉलरशिप के लिए कई जगह अप्लाई करना होगा। आम तौर पर स्टूडेंट एडमिशन कनफर्म होने के बाद स्कॉलरशिप के बारे में पता करना शुरू करते हैं। इससे वे कई मौके चूक जाते हैं।
अगर आप Harvard में पढ़ना चाहते हैं तो इस यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप के कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं। हर प्रोग्राम के कुछ नियम और शर्तें हैं। आपको देखना होगा कि आप किस-किस प्रोग्राम के लिए उपयुक्त हैं। इनमें Forward Fellowship, Goldsmith Fellowship, Junior Achievement Fellowship, Kaplan Fellowship, Summer Venture in Management (SVMP) Fellowship शामिल हैं।