EPF में नॉमिनेशन के बगैर भी किया जा सकता है क्लेम, जानिए क्या है तरीका

अगर नॉमिनेशन के बगैर सब्सक्राइब की मौत हो जाती है तो करीबी रिश्तेदार (पत्नी/पति, बेटा, बेटी आदि) पीएफ (PF) के पैसे के लिए क्लेम कर सकते हैं। ईपीएफ स्कीम (EPF Scheme) में इस बारे में स्पष्ट नियम है

अपडेटेड Apr 11, 2022 पर 1:56 PM
अगर सब्सक्राइबर का पीएफ अकाउंट ईपीएफओ के बजाय प्राइवेट ट्रस्ट के पास है तो भी इस प्रोसेस में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। प्राइवेट ट्रस्ट के क्लेम जल्द सेटल करने की उम्मीद होती है।

इंप्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) अकाउंट होल्डर के नॉमिनेशन (Nomination) करने पर जोर देता है। इससे अकाउंट होल्डर की मौत की स्थिति में नॉमिनी को पैसे मिलने में दिक्कत नहीं आती है। इसलिए ईपीएफ सब्सक्राइबर के लिए नॉमिनेशन करना फायदेमंद है। फिर भी, अगर नॉमिनेशन के बगैर सब्सक्राइब की मौत हो जाती है तो करीबी रिश्तेदार (पत्नी/पति, बेटा, बेटी आदि) पीएफ (PF) के पैसे के लिए क्लेम कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी क्या तरीका है।

इस बारे में स्पष्ट है ईपीएफ का नियम

ईपीएफ स्कीम (EPF Scheme) में इस बारे में स्पष्ट नियम है। इसके मुताबिक, अगर सब्सक्राइबर ने नॉमिनेशन नहीं किया है और उसकी मौत हो जाती है तो फिर पीएफ में जमा पैसा परिवार के सदस्यों में एक बराबर बांट दिया जाएगा। यहां सवाल है कि परिवार के सदस्य में कौन-कौन शामिल है? परिवार के सदस्य में पति/पत्नी, बच्चे (विवाहित या अविवाहित), डिपेंडेंट पेरेंट्स, सब्सक्राइबर महिला होने पर उसके पति के डिपेंडेंट पेरेंट्स आते हैं। इसके अलावा सब्सक्राइबर के बेटे की विधवा पत्नी और उसके बच्चे भी परिवार में आते हैं।


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परिवार के सदस्यों को भरना होगा फॉर्म 20

सब्सक्राइबर (जिसकी मौत हुई है) के परिवार के सदस्यों को परिवार के सदस्यों की लिस्ट के साथ फॉर्म 20 भरना होगा। परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी उस कंपनी की तरफ से दी जाएगी जहां सब्सक्राइबर नौकरी करता था। अगर किसी वजह से कंपनी यह जानकारी नहीं दे सकती या कंपनी बंद हो गई है तो एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट से प्रमाणित यह लिस्ट दी जा सकती है। फॉर्म 20 के साथ डेट सर्टिफिकेट और कैंसल चेक की एक कॉपी भी लगानी होगी।

30 दिन के अंदर सेटल हो जाता है क्लेम

जितनी जल्द फॉर्म 20 ईपीएफओ में जमा किया जाएगा, उतनी जल्द यह काम हो जाएगा। आम तौर पर फॉर्म के साथ सभी जरूरी डॉक्युमेंट मिल जाने के 30 दिन के अंदर ईपीएफ कमिश्नर क्लेम को सेटल कर देते हैं। इसलिए परिवार के सदस्य को क्लेम करने में देरी नहीं करनी चाहिए।

प्राइवेट ट्रस्ट में अकाउंट होने पर भी नहीं आएगी दिक्कत

अगर सब्सक्राइबर का पीएफ अकाउंट ईपीएफओ के बजाय प्राइवेट ट्रस्ट के पास है तो भी इस प्रोसेस में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। प्राइवेट ट्रस्ट के क्लेम जल्द सेटल करने की उम्मीद होती है। इसकी वजह यह है कि कंपनी के पास पहले से सब्सक्राइबर और उसके परिवार की डिटेल मौजूद होती है।

वसीयत की स्थिति में प्रोसेस में हो सकती देर

अगर सब्सक्राइबर ने कोई वसीयत बनाई है तो फिर प्रोसेस में थोड़ी देर हो सकती है। इसकी वजह यह है कि वसीयत के दावेदारों को वसीयत का प्रोबेट या सक्सेशन सर्टिफिकेट पेश करने के लिए कहा जाता है। ऐसा सावधानी के लिए किया जाता है ताकि भविष्य में दूसरा कोई इस तरह का क्लेम नहीं कर सके।

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