EPFO: ईपीएफओ कर्मचारियों के रिटायमेंट के फंड को मैनेज करने का काम करता है। ईपीएफओ यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत भारत सरकार का बनाया एक निकाय है। यह भारत में कर्मचारियों के लिए एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है। ये कर्मचारियों के EPF फंड को मैनेज करता है। आप अपने पीएफ फंड को जरूरत पड़ने पर निकाल भी सकते हैं।
इन कंडीशन में निकाल सकते हैं पीएफ से पैसा
ईपीएफओ के अंशधारकों को रिटायरमेंट, इस्तीफा, नौकरी जाने, इलाज कराने, इमरजेंसी के समय, शादी, एजुकेशन और होम लोन का पैसा उतारने के लिए ईपीएफ से पैसा निकालने की इजाजत देता है। ईपीएफओ घर को ठीक कराने, घर बनाने या घर खरीदने के लिए भी पीएफ से पैसा निकालने की इजाजत देता है। इसके लिए कर्मचारियों को कम से कम 5 साल तक ईपीएफ सदस्य होना चाहिए।
ईपीएफ सदस्य घर बनाने के लिए पीएफ एडवांस ले सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 31 भरना होगा जो ईपीएफओ की वेबसाइट पर मिल जाएगा।
फॉर्म के साथ देने होंगे ये डॉक्यूमेंट्स
- घर बनाने के डॉक्यूमेंट्स या लोन के पेपर
- अपने नियोक्ता को फॉर्म देना होगा।
- आपका नियोक्ता फॉर्म ईपीएफओ को भेजेगा।
ईपीएफओ आपके अनुरोध पर कार्रवाई करेगा और आपके बैंक खाते में पैसा भेज देगा।
आपको घर बनाने के लिए मिल सकता है अधिकतम इतना पैसा – इन 3 बातों पर करता है निर्भर
जगह खरीदने के लिए साइट की खरीद के लिए: 24 महीने की बेसिक मजदूरी और डीए और घर/
फ्लैट/बनाने की खरीद के लिए- 36 महीने की बेसिक मजदूरी और डीए
ईपीएफ में ब्याज के साथ कर्मचारी और नियोक्ता का कुल हिस्सा
इन तीनों में से जो कम होगा उतना पैसा आपको मिल जाएगा। ये सर्विस आपको सिर्फ एक बार मिलेगी।