EPFO Wage Ceiling: अक्टूबर से बढ़ेगी PF कटौती, समझिए CTC और टेक-होम सैलरी पर क्या असर होगा
EPFO Wage Ceiling: अक्टूबर से EPFO की नई वेज सीलिंग लागू होगी। इससे कई कर्मचारियों का PF योगदान बढ़ सकता है। लेकिन इसका CTC और टेक होम सैलरी पर कितना असर पड़ेगा? क्या कंपनी बढ़ा खर्च कर्मचारी से वसूल सकती है? जानिए पूरा मामला।
अगर आपकी PF योग्य सैलरी ₹20,000 है, तो कर्मचारी का योगदान ₹1,800 से बढ़कर ₹2,400 हो सकता है।
EPFO Wage Ceiling: अक्टूबर 2026 से EPFO की नई ₹25,000 वेज सीलिंग लागू होगी। यह पहला पूरा सैलरी महीना होगा, जब इसका असर कर्मचारियों की सैलरी पर दिखेगा। ऐसे में तीन सवाल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं। CTC बदलेगी या नहीं? कंपनी बढ़ा हुआ खर्च कर्मचारी से ले सकती है? और हाथ में आने वाली सैलरी कितनी घटेगी?
CTC पर क्या असर पड़ेगा?
EPFO के मुताबिक, CTC के आधार पर PF की देनदारी तय नहीं होती। PF योगदान लागू नियमों के हिसाब से तय होता है। इसलिए सिर्फ वेज सीलिंग बढ़ने से CTC अपने आप नहीं बदलती।
हालांकि, कंपनी का खर्च बढ़ सकता है। मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹20,000 है। अभी ₹15,000 की सीलिंग पर हर महीने ₹1,800 PF कटता है। नई व्यवस्था में यह बढ़कर ₹2,400 हो सकता है।
कंपनी बढ़ा खर्च कर्मचारी से ले सकती है?
EPFO ने इस पर साफ जवाब दिया है। कंपनी अपने हिस्से का PF योगदान कर्मचारी की सैलरी से नहीं काट सकती। सिर्फ CTC का हिस्सा बताकर इसे कर्मचारी की कटौती नहीं बनाया जा सकता।
EPFO ने कंपनियों को ये भी कहा है कि वे कर्मचारी की सैलरी नियमों के खिलाफ कम न करें। हालांकि, कंपनियां अपने CTC स्ट्रक्चर में बदलाव पर विचार कर सकती हैं। इसलिए HR से यह जरूर पूछना चाहिए कि आपकी कंपनी इस बदलाव को कैसे लागू करेगी।
टेक-होम सैलरी घटेगी?
अगर आपकी PF योग्य सैलरी ₹20,000 है, तो कर्मचारी का योगदान ₹1,800 से बढ़कर ₹2,400 हो सकता है। यानी हर महीने ₹600 ज्यादा PF में जाएगा। इतनी रकम हाथ में मिलने वाली सैलरी से कम हो जाएगी।
अगर PF योग्य वेतन ₹25,000 है, तो कर्मचारी का योगदान ₹3,000 होगा। यानी ₹15,000 की सीलिंग के मुकाबले हर महीने ₹1,200 ज्यादा PF में जाएगा।
एक नजर में पूरा बदलाव
योगदान
पुरानी व्यवस्था
अक्टूबर 2026 से
कर्मचारी का EPF योगदान
₹1,800
₹2,400
नियोक्ता का EPS योगदान
₹1,250
₹1,666
नियोक्ता का EPF योगदान
₹550
₹734
नियोक्ता का कुल योगदान
₹1,800
₹2,400
कुल कर्मचारी + नियोक्ता योगदान
₹3,600
₹4,800
इस तरह 20,000 रुपये के PF वेतन वाले कर्मचारी के मामले में PF में हर महीने कुल 4,800 रुपये जाएंगे। पहले यह रकम 3,600 रुपये थी।
PF में गया पैसा कहां जाएगा?
यह पैसा कर्मचारी के PF खाते में जमा होगा। यानी रकम खत्म नहीं हो रही है। बस इसका एक हिस्सा बैंक खाते में आने के बजाय PF खाते में चला जाएगा।
EPFO ने इसे कर्मचारी की अपनी बचत बताया है। हालांकि, नियोक्ता के योगदान का EPS वाला हिस्सा पेंशन के लिए इस्तेमाल होता है। इसकी शर्तें EPF और EPS के नियमों के हिसाब से तय होती हैं।
75% PF निकालने की बात क्या है?
EPFO के मुताबिक, पात्र EPF बैलेंस का 75% तक कुछ परिस्थितियों में निकाला जा सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी किसी भी समय अपने पूरे PF खाते से 75% पैसा निकाल सकता है।
निकासी पर EPF के नियम लागू होते हैं। साथ ही, खाते में एक हिस्सा बनाए रखना जरूरी होता है। इसलिए PF में बढ़ा योगदान लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट फंड को भी बढ़ा सकता है।