Family pension rules: एक से ज्यादा पत्नियां हों, तो किसे मिलेगी फैमिली पेंशन? सरकार ने कर दिया साफ
Family pension rules: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी की दो पत्नियां हैं, तो फैमिली पेंशन किसे और कैसे मिलेगी। DoPPW ने इस पर नया स्पष्टीकरण जारी किया है। साथ ही, फैमिली पेंशन पाने का प्राथमिकता क्रम भी तय किया गया है। जानिए डिटेल।
DoPPW ने स्पष्ट किया है कि Rule 50(6)(1) के हिसाब से 'विधवा' या 'विधुर' का मतलब केवल कानूनी रूप से शादीशुदा जीवनसाथी से है।
Family pension rules: केंद्र सरकार ने फैमिली पेंशन से जुड़ा एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत आने वाले Department of Pension and Pensioners’ Welfare (DoPPW) ने सभी केंद्रीय सरकारी विभागों को बताया है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी या पेंशनर की मौत के बाद एक से ज्यादा पत्नियां जीवित हैं, तो फैमिली पेंशन का भुगतान कैसे होगा।
यह दिशा-निर्देश 27 अक्टूबर 2025 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम (O.M. No. 1/1(33)/2024-P&PW(K)/9629) के तहत जारी किए गए हैं। इसमें Central Civil Services (Pension) Rules, 2021 के Rule 50 में दिए गए नियमों को दोहराया गया है, जो फैमिली पेंशन के बांटने से जुड़े हैं।
दो पत्नियों के मामले में पेंशन किसे मिलेगी?
DoPPW ने स्पष्ट किया है कि Rule 50(6)(1) के हिसाब से 'विधवा' या 'विधुर' का मतलब केवल कानूनी रूप से शादीशुदा जीवनसाथी से है।
Rule 50(8)(c) के मुताबिक, 'अगर किसी मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनर की एक से ज्यादा विधवाएं हैं, तो फैमिली पेंशन दोनों को बराबर हिस्सों में मिलेगी। अगर किसी विधवा की मृत्यु हो जाए या वह पेंशन पाने की पात्र न रहे, तो उसका हिस्सा उसके पात्र बच्चों को मिलेगा।'
हिंदू विवाह कानून के तहत दूसरी शादी अवैध
विभाग ने कहा कि कई मामलों में यह सवाल उठता है कि जब कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर Hindu Marriage Act, 1955 के तहत आता है, तो दूसरी शादी के बाद क्या स्थिति होती है। इस पर DoPPW ने साफ कहा है, 'पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना Hindu Marriage Act, 1955 का उल्लंघन है। और यह CCS (Pension) Rules, 2021 के खिलाफ भी है।'
ऐसे मामलों में विभागों को कहा गया है कि वे निर्णय लेते समय पूरी सावधानी और कानूनी समझदारी दिखाएं। अगर किसी मामले में विवाद हो, तो Tribunal या Court के सामने पेश किए जाने वाले जवाब या रिपोर्ट पूरी तरह नियमों और गाइडलाइन के अनुसार तैयार की जाए।
दो पत्नियों के मामलों में कानूनी सलाह जरूरी
सरकार ने यह भी कहा है कि जहां किसी कर्मचारी की दो पत्नियों से जुड़े पेंशन मामले हों, वहां Department of Legal Affairs से राय लेना अनिवार्य है।
साथ ही, संबंधित मंत्रालय या विभाग के पेंशन मामलों के प्रभारी अधिकारी को भी इन मामलों की जानकारी दी जाए। इससे सभी विभागों में एक तरीके से कानूनी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
फैमिली पेंशन का प्राथमिकता क्रम
सरकार ने यह भी दोहराया है कि फैमिली पेंशन पाने का क्रम Rule 50(6) के अनुसार तय होगा।
सबसे पहले विधवा या विधुर को। इसमें रिटायरमेंट के बाद हुई शादी या न्यायिक रूप से अलग हुए पति-पत्नी भी शामिल हैं।
इसके बाद बच्चों को हक रहेगा। इनमें गोद लिए हुए, सौतेले और रिटायरमेंट के बाद जन्मे बच्चे शामिल होंगे।।
फिर आश्रित माता-पिता को। और अंत में मानसिक या शारीरिक रूप से अक्षम आश्रित भाई-बहनों को प्राथमिकता मिलेगी।
रिटायरमेंट के बाद मौत पर बढ़ी फैमिली पेंशन
DoPPW ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद मरता है, तो उसके परिवार को बढ़ी हुई दर (Enhanced Rate) पर फैमिली पेंशन मिलेगी। Rule 50(2)(a)(iii) के अनुसार, यह बढ़ी हुई पेंशन 7 साल तक या कर्मचारी के 67 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, तब तक दी जाएगी।
यह नियम सभी कर्मचारियों पर लागू होगा। चाहे वे किसी भी उम्र में रिटायर हुए हों, यहां तक कि उन पर भी जो 65 साल की उम्र में रिटायरमेंट होते हैं, जैसे कि सेंट्रल हेल्थ सर्विस (CHS) के डॉक्टर।