FD Premature Closure: FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है। पैसा बैंक में जमा किया और तय समय तक ब्याज मिलता रहता है। लेकिन कई बार अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में FD समय से पहले तोड़नी पड़ सकती है।
FD Premature Closure: FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है। पैसा बैंक में जमा किया और तय समय तक ब्याज मिलता रहता है। लेकिन कई बार अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में FD समय से पहले तोड़नी पड़ सकती है।
अब सवाल है कि FD बीच में तोड़ने पर कितना नुकसान होता है? इसका सीधा जवाब है कि आपको मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है। इसके अलावा बैंक प्रीमैच्योर क्लोजर पर पेनल्टी भी लगा सकता है।
FD समय से पहले तोड़ने पर क्या होता है?
मान लीजिए आपने 2 साल के लिए FD कराई। बैंक ने इस पर 7% सालाना ब्याज दिया। लेकिन 10 महीने बाद ही आपको पैसों की जरूरत पड़ गई। ऐसे में बैंक जरूरी नहीं कि आपको पूरे 2 साल वाली 7% दर दे। बैंक उस अवधि की ब्याज दर देख सकता है, जितने समय तक आपकी FD चली है।
मान लीजिए 10 महीने की FD पर उस समय बैंक की दर 6% थी। बैंक ने समय से पहले FD तोड़ने पर 1% पेनल्टी भी लगाई। ऐसे में आपका प्रभावी ब्याज करीब 5% रह जाएगा।
₹5 लाख की FD से समझिए
अब मिसाल के लिए आपने ₹5 लाख की FD 2 साल के लिए 7% ब्याज पर कराई। अगर FD पूरी अवधि चलती है, तो 2 साल बाद रकम करीब ₹5.72 लाख हो सकती है।
लेकिन 10 महीने बाद आपको पैसे की जरूरत पड़ गई। आपने FD तोड़ दी। इस स्थिति में बैंक 10 महीने की लागू दर 6% मानता है और 1% पेनल्टी काटता है। यानी प्रभावी ब्याज करीब 5% रह जाता है। 10 महीने में ₹5 लाख पर 5% की दर से ब्याज करीब ₹20,833 होगा। यानी आपको करीब ₹5.21 लाख मिलेंगे।
अब दोनों स्थितियों को एक साथ देखिए:
| स्थिति | ब्याज दर | अवधि | अनुमानित रकम |
| FD पूरी अवधि चली | 7% | 2 साल | करीब ₹5.72 लाख |
| 10 महीने बाद तोड़ी | 5% | 10 महीने | करीब ₹5.21 लाख |
| अंतर | — | — | करीब ₹51,000 |
यानी यहां करीब ₹51,000 का अंतर दिख रहा है। वजह है कि FD बीच में तोड़ दी गई। इस उदाहरण में टैक्स को शामिल नहीं किया गया है। टेक्स्ट के बाद ये रकम और कम हो सकती है।
हर बैंक का नियम अलग हो सकता है
यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है। हर बैंक FD तोड़ने पर एक जैसा नियम नहीं रखता। कुछ बैंक ब्याज दर कम कर देते हैं। कुछ पेनल्टी भी लगाते हैं। कुछ मामलों में दोनों का असर पड़ सकता है। इसलिए FD तोड़ने से पहले बैंक से पूरा हिसाब पूछना जरूरी है।
बैंक से सीधे पूछें कि आज FD तोड़ने पर कितनी रकम मिलेगी। साथ ही यह भी पूछें कि किस ब्याज दर से हिसाब होगा और पेनल्टी कितनी कटेगी।
FD तोड़ने से पहले एक विकल्प देखें
अगर आपको कुछ समय के लिए पैसों की जरूरत है, तो पूरी FD तोड़ना जरूरी नहीं है। बैंक से पूछ सकते हैं कि FD के बदले लोन या ओवरड्राफ्ट मिल सकता है या नहीं।
इसका फायदा यह है कि FD चलती रह सकती है। आपको जरूरत के समय पैसा भी मिल सकता है। हालांकि, इस विकल्प की ब्याज लागत जरूर देखें।
FD मैच्योरिटी के करीब है तो रुकना सही
अगर आपकी FD कुछ ही महीनों में मैच्योर होने वाली है, तो उसे तोड़ने से पहले नफा नुकसान का हिसाब लगा लेना चाहिए। कुछ महीने इंतजार करने पर पूरा ब्याज मिल सकता है। वहीं अभी FD तोड़ने पर कम ब्याज और पेनल्टी दोनों का असर हो सकता है।
लेकिन अगर पैसे की जरूरत बहुत जरूरी है, तो सिर्फ पेनल्टी बचाने के लिए महंगा कर्ज लेना भी सही नहीं है। ऐसे में FD तोड़ने का नुकसान और दूसरे विकल्प की लागत को आमने-सामने रखकर फैसला करें।
FD तोड़ने से पहले ये 3 सवाल पूछें
FD बंद करने से पहले बैंक से तीन चीजें पूछें। पहली, आज FD तोड़ने पर खाते में कितनी रकम आएगी। दूसरी, किस अवधि की ब्याज दर लागू होगी। तीसरी, प्रीमैच्योर क्लोजर पर कितनी पेनल्टी लगेगी।
इसके बाद देखें कि FD को मैच्योरिटी तक चलाने पर कितनी रकम मिलेगी। दोनों आंकड़ों का अंतर आपको साफ बता देगा कि अभी FD तोड़ना कितना महंगा पड़ेगा।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
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