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स्मॉल सेविंग्स स्कीम या फिक्स्ड डिपॉजिट, किसमें निवेश करने में ज्यादा फायदा?

रेपो रेट घटने पर बैंक होम सहित दूसरे लोन के इंटरेस्ट रेट में कमी करते हैं। साथ ही वे फिक्स्ड डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में कमी करते हैं। अभी यह स्थिति देखने को मिल रही है। इससे निवेशक थोड़ी उलझन में हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 13, 2025 पर 5:16 PM
स्मॉल सेविंग्स स्कीम या फिक्स्ड डिपॉजिट, किसमें निवेश करने में ज्यादा फायदा?
बैंक की एफडी स्कीम का इंटरेस्ट रेट बैंक के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। हाल तक बैंक अपने एफडी पर 6.5 से 7.5 फीसदी तक इंटरेस्ट ऑफर कर रहे थे।

आरबीआई ने इंटरेस्ट रेट घटाना शुरू कर दिया है। इसका असर बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीमों के इंटरेस्ट रेट पर पड़ा है। रेपो रेट घटने पर बैंक होम सहित दूसरे लोन के इंटरेस्ट रेट में कमी करते हैं। साथ ही वे फिक्स्ड डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में कमी करते हैं। अभी यह स्थिति देखने को मिल रही है। इससे निवेशक थोड़ी उलझन में हैं। उन्हें नहीं समझ आ रहा कि उन्हें बैंकों की एफडी स्कीम में निवेश करना चाहिए या स्मॉल सेविंग्स स्कीम में पैसे लगाना चाहिए।

बैंक एफडी लंबे समय से निवेश का पसंदीदा विकल्प रहा है

लंबे समय से रिस्क नहीं लेने वाले निवेशकों के लिए बैंक की एफडी स्कीम पहली पसंद रही है। एफडी की खास बात यह है कि इसमें पहले से तय रिटर्न मिलता है। जरूरत पड़ने पर पैसे मैच्योरिटी से पहले निकाले जा सकते हैं। इन्हें निवेश की सुरक्षा के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है। उधर, स्मॉल सेविंग्स स्कीम पर सरकार की गारंटी होती है। PPF, NSC, सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पॉस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) से टैक्स के बाद मिलने वाला रिटर्न अट्रैक्टिव होता है।

बैंक एफडी से रिटर्न टैक्स के दायरे में  

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