Cryptocurrency Bill : सरकार ने आज कहा कि कैबिनेट के विचार के लिए क्रिप्टोकरंसी पर एक बिल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। देश में क्रिप्टोकरंसी के बढ़ते प्रभाव और इकोनॉमी पर इसके असर से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि आरबीआई (RBI) ने 24 दिसंबर, 2013, 1 फरवरी, 2017 और 5 दिसंबर, 2017 को वर्चुअल करंसीज (Virtual Currencies) के यूजर्स, होल्डर्स और ट्रेडर्स को आगाह किया था।
अपने पब्लिक नोटिसेज में आरबीआई ने कहा कि वर्चुअल करंसीज में डीलिंग से इकोनॉमिक, फाइनेंशियल, ऑपरेशनल, लीगल, कस्टमर प्रोटेक्शन और सिक्योरिटी से जुड़े रिस्क हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “साथ ही, आरबीआई ने एक देश की मॉनिटरी और फिस्कल स्टैबिलिटी पर क्रिप्टोकरंसी के अस्थिर करने वाले प्रभाव पर भी चिंता जाहिर की है।”
इंटर-मिनिस्ट्रियल कमेटी की रिपोर्ट पर तैयार हुआ बिल
उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्चुअल करंसी के मुद्दे की जांच के लिए “एक इंटर-मिनिस्ट्रियल कमेटी (आईएमसी)” का गठन किया है, जिसने अपनी रिपोर्ट 2019 में सौंपी थी। उन्होंने कहा, आईएमसी की रिपोर्ट की जांच की गई थी, जिसके आधार पर क्रिप्टोकरंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफीशियल डिजिटल करंसी पर एक बिल कैबिनेट के पास विचाराधीन है।
पीएम मोदी ने भी किया आह्वान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले हफ्ते ही डेमोक्रेसीज से सोशल मीडिया और क्रिप्टोकरंसीज सहित इमर्जिंग टेक्नोलॉजिस के लिए ग्लोबल रूल्स बनाने के लिए एक साथ आने का अनुरोध किया था।
पीएम मोदी ने कहा, “डेमोक्रेसीज के रूप में हमें मिलकर सोशल मीडिया और क्रिप्टोकरंसीज जैसी इमर्जिंग टेक्नोलॉजिस के लिए ग्लोबल नॉर्म्स को आकार देना चाहिए, जिससे उनका उपयोग डेमोक्रेसी को मजबूत बनाने के लिए हो न कि कमजोर करने के लिए।”
केंद्र का लक्ष्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में क्रिप्टोकरंसीज पर एक बिल पेश करना है। सीतारमण ने कहा था, मौजूदा बिल क्रिप्टो पर एक नया बिल है जो कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में पेश किया जाएगा।