Home Loan Affordability Rules: अगर आपकी टेक-होम सैलरी ₹1 लाख प्रति माह है, तो अपना सपनों का घर खरीदना काफी हद तक मुमकिन नजर आता है। लेकिन केवल बड़ी सैलरी होना ही इस बात की गारंटी नहीं है कि आप आसानी से होम लोन का बोझ उठा सकते हैं।
Home Loan Affordability Rules: अगर आपकी टेक-होम सैलरी ₹1 लाख प्रति माह है, तो अपना सपनों का घर खरीदना काफी हद तक मुमकिन नजर आता है। लेकिन केवल बड़ी सैलरी होना ही इस बात की गारंटी नहीं है कि आप आसानी से होम लोन का बोझ उठा सकते हैं।
अक्सर बैंक आपकी योग्यता देखकर सैलरी के 50% से 55% तक की EMI अप्रूव कर देते हैं, लेकिन क्या उतनी EMI चुकाना आपकी जेब के लिए सुरक्षित है? जवाब है बिल्कुल नहीं!
आइए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से आसान भाषा में समझते हैं कि ₹1 लाख की सैलरी पर आपको हर महीने कितनी EMI देनी चाहिए, और लोन लेने से पहले आपके पास डाउन पेमेंट व इमरजेंसी फंड के रूप में कितना कैश तैयार होना चाहिए।
1 लाख की सैलरी पर कितनी EMI है सुरक्षित?
बैंकिंग और रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स की मानें तो बैंक भले ही आपको ज्यादा लोन दे दें, लेकिन आपको अपनी मंथली इनकम का 25% से 35% ही EMI में देना चाहिए।फोर्टेशिया रियल्टी के बिजनेस डेवलपमेंट जीएम केशव मंगला के अनुसार, सबसे सही फैसला यह होगा कि आपकी EMI ₹25,000 से ₹30,000 के बीच हो। इससे आपके पास घरेलू खर्च, बचत और इमरजेंसी के लिए पर्याप्त पैसा बचेगा। नाइ्वो मनी के फाउंडर हर्ष सोनी के मुताबिक, EMI को अधिकतम ₹35,000 प्रति माह तक रखा जा सकता है।
सैलरी के बंटवारे का सही फॉर्मूला (₹35,000 EMI के आधार पर):
₹35,000: होम लोन EMI
₹43,000: घर के जरूरी और रोजाना के खर्च
₹22,000: एसआईपी (SIP), बचत और इमरजेंसी फंड
लोन लेने से पहले जेब में होना चाहिए इतना 'अपफ्रंट कैश'
होम लोन लेते समय केवल EMI की किश्त देखना काफी नहीं है। मकान की चाबी हाथ में आने से पहले आपको अपने पास से भारी रकम खर्च करनी पड़ती है:
डाउन पेमेंट: ₹30 लाख तक की प्रॉपर्टी पर लगभग 10% और ₹75 लाख तक की प्रॉपर्टी पर 20% रकम अपनी जेब से डाउन पेमेंट के रूप में देनी होती है।
रजिस्ट्री व स्टाम्प ड्यूटी: प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू का 5% से 8% अलग से स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में जाता है, जिसे बैंक लोन में कवर नहीं करते।
इंटीरियर और मेंटेनेंस: नया मकान लेने के बाद इंटीरियर कार्य, मेंटेनेंस और सोसाइटी चार्जेस के खर्च भी अलग से तैयार रखने होते हैं।
इमरजेंसी फंड भूलकर भी न करें नजरअंदाज
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोन का आवेदन करने से पहले आपके पास कम से कम 6 से 12 महीने के जरूरी खर्च और EMI के बराबर इमरजेंसी फंड होना ही चाहिए। अगर आपकी EMI और महीने का घर खर्च मिलाकर ₹60,000 से ₹70,000 है, तो आपके बैंक खाते में कम से कम ₹3.6 लाख से ₹8.4 लाख का इमरजेंसी फंड अलग से सुरक्षित जमा होना चाहिए।
₹50 लाख के घर के लिए पहले से कितने पैसों की होगी जरूरत?
अगर आप ₹50 लाख का घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको लोन पास होने से पहले करीब ₹16 लाख से ₹18 लाख की नगद रकम तैयार रखनी होगी:
डाउन पेमेंट (20%): ₹10 लाख
रजिस्ट्री/अन्य खर्च (5-8%): ₹2.5 - ₹4 लाख
इमरजेंसी फंड: ₹3.6 - ₹4.2 लाख
कुल अपफ्रंट कैश रिक्वायरमेंट = ₹16 लाख से ₹18 लाख
घर खरीदने के चक्कर में न रोकें दूसरे लक्ष्य
नया घर खरीदना एक बड़ा सपना है, लेकिन इसके चक्कर में अपने बच्चे की पढ़ाई का फंड, खुद के रिटायरमेंट की SIP या इमरजेंसी सेविंग्स को पूरी तरह बंद कर देना भारी भूल साबित हो सकता है। वित्तीय योजना ऐसी बनाएं कि हर महीने आपकी EMI आराम से कटे और आपकी बाकी लाइफस्टाइल व निवेश बिना किसी तनाव के चलता रहे।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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