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क्या आपने एप्लॉयर को इनकम टैक्स रीजीम की चॉइस बता दी है? जानिए नहीं बताने पर क्या होगा

नौकरी करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में अपने एंप्लॉयर को इनकम टैक्स रीजीम की अपनी चॉइस के बारे में बता देना जरूरी है। इसकी वजह यह है कि एंपलॉयर एप्लॉयी की चॉइस के आधार पर टैक्स डिडक्ट करता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 10, 2023 पर 1:12 PM
क्या आपने एप्लॉयर को इनकम टैक्स रीजीम की चॉइस बता दी है? जानिए नहीं बताने पर क्या होगा
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 2023-24 के बजट में कहा था कि 1 अप्रैल, 2023 से इनकम टैक्स की नई रीजीम डिफॉल्ट टैक्स रीजीम होगी। इससे पहले इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम डिफॉल्ट टैक्स रीजीम होती थी।

अब टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स (Income Tax) की दो रीजीम में से किसी एक को सेलेक्ट करना जरूरी है? अगर टैक्सपेयर्स नौकरी करता है तो उसे फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में अपने सेलेक्शन के बारे में अपने एंप्लॉयर (कंपनी) को बताना जरूरी है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 शुरू हुए एक महीना से ज्यादा समय बीत चुका है। सवाल है कि अगर आपने इनकम टैक्स रीजीम के अपने सेलेक्शन के बारे में नहीं बताया है तो क्या होगा? आइए इस बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं। हम इस बारे में एक्सपर्ट्स की राय के बारे में भी जानेंगे।

नया नियम क्या है?

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 2023-24 के बजट में कहा था कि 1 अप्रैल, 2023 से इनकम टैक्स की नई रीजीम डिफॉल्ट टैक्स रीजीम होगी। इससे पहले इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम डिफॉल्ट टैक्स रीजीम होती थी। इंडिपेंडेंट टैक्स प्रैक्टिशनर अमन अग्रवाल ने कहा, "आपको फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से पहले इनकम टैक्स रीजीम की अपनी चॉइस के बारे में अपने एंप्लॉयर को बता देना जरूरी है। इसके बाद ही एप्लॉयर उस फाइनेंशियल ईयर के TDS डिडक्शन का कैलकुलेशन आपकी सैलरी से करता है।"

क्या चॉइस बदलने का विकल्प है?

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