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सोना खरीदने से तौबा कर रहे भारतीय! Q3 में 29% घट गई बिक्री, 6 साल के निचले स्तर पर आ जाएगा गोल्ड मार्केट?

India Gold Demand: रिकॉर्ड तोड़ कीमतों और इंपोर्ट ड्यूटी के चलते Q3 2026 में भारत की सोने की मांग 29% घटकर 162.5 टन रह गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, ज्वैलरी और बार-कॉइन निवेश में आई भारी गिरावट से साल 2026 में देश की कुल मांग 6 साल के निचले स्तर पर आ सकती है। आखिर क्या है इसके पीछे की असली वजह? जानें

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Nov 03, 2026 पर 3:25 PM
सोना खरीदने से तौबा कर रहे भारतीय! Q3 में 29% घट गई बिक्री, 6 साल के निचले स्तर पर आ जाएगा गोल्ड मार्केट?
ज्वैलरी डिमांड वॉल्यूम के आधार पर 20% घटकर 99.9 टन रह गई है जो पिछले साल 125 टन थी

India Gold Demand Q3 2026 Report: भारत में सोने की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में भारत की सोने की मांग सालाना आधार पर 29% घटकर 162.5 टन रह गई है, जो पिछले साल की समान अवधि में 229.8 टन थी। इसके पीछे की वजह रिकॉर्ड हाई पर पहुंची कीमतें, उच्च इंपोर्ट ड्यूटी और उपभोक्ताओं के बदलते खरीद पैटर्न को माना जा रहा है।

वैसे सोने की कीमतों में आए जबरदस्त उछाल के कारण वैल्यू के लिहाज से मांग 3% बढ़कर ₹2,41,900 करोड़ हो गई, जो पिछले साल Q3 में ₹2,35,090 करोड़ थी। इस तिमाही के दौरान सोने की औसत कीमत ₹1,48,891 प्रति 10 ग्राम रही, जबकि एक साल पहले यह ₹1,02,287 थी।

भारत में क्यों घट रही है सोने की मांग?

भारतीय सोने की खपत का मुख्य हिस्सा मानी जाने वाली ज्वैलरी डिमांड वॉल्यूम के आधार पर 20% घटकर 99.9 टन रह गई है जो पिछले साल 125 टन थी। वैसे वैल्यू के हिसाब से यह 16% बढ़कर ₹1,48,700 करोड़ पर पहुंच गई। WGC इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन के अनुसार, ऊंची कीमतों ने ग्राहकों को पुरानी ज्वैलरी एक्सचेंज करने और हल्की ज्वैलरी खरीदने पर मजबूर किया है।

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