विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्र अब सिर्फ यूनिवर्सिटी चुनने पर ही ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि पैसे की प्लानिंग भी पहले से ज्यादा गंभीरता से कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई, डॉलर जैसी विदेशी करेंसी में उतार-चढ़ाव और दुनियाभर में बदलते हालातों ने विदेश में पढ़ाई का खर्च काफी बढ़ा दिया है। यही वजह है कि अब छात्र और उनके परिवार विदेश जाने से कई महीने पहले ही पूरा फाइनेंशियल प्लान तैयार करने लगे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि अब सिर्फ ट्यूशन फीस जमा कर देना काफी नहीं है। रहने, खाने, ट्रांसपोर्ट, मेडिकल इमरजेंसी और रोजमर्रा के खर्चों को भी पहले से समझना जरूरी हो गया है।
