ओपन-एंडेड इक्विटी म्यूचुअल फंडों के लिए जुलाई अच्छा नहीं रहा। इसकी वजह यह है कि पिछले महीने शुद्ध निवेश (Net Inflow) में 7,626 करोड़ रुपये की गिरावट आई। लार्ज-कैप फंडों से निवेशकों ने पैसे निकाले। AMFI के डेटा से यह जानकारी मिली है। एंफी ने 9 अगस्त को ये आंकड़े जारी किए। इसके बावजूद इनवेस्टर्स ने निवेश में अनुशासन बनाए रखा। SIP से निवेश बढ़कर 15,000 करोड़ रुपये को पार कर गया। पहली बार सिप से निवेश इस लेवल पर पहुंचा है। जुलाई में सिप से कुल 15,245 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि जून में यह आंकड़ा 14,735 करोड़ रुपये था।
लगातार 29वें महीने नेट इनफ्लो पॉजिटिव रहा
इक्विटी फंडों में निवेश में मामूली गिरावट के बावजूद लगातार 29वें महीने जुलाई में नेट इनफ्लो पॉजिटिव बना रहा। इसमें पिछले कुछ महीनों में मार्केट में आई तेजी का हाथ है। जुलाई में बीएसई का Sensex 2.80 फीसदी चढ़ा है, जबकि NSE का निफ्टी 2.94 फीसदी चढ़ा है। AMFI के चीफ एग्जिक्यूटिव एन एस वेंकटेश ने कहा, "म्यूचुअल फंड्स की स्कीमों में रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बनी हुई है। करीब सभी स्कीमों की कैटेगरी में निवेश देखने को मिला। स्टार परफॉर्मर जुलाई में SIP रहा, क्योंकि 33.06 लाख नए अकाउंट्स रजिस्टर्ड हुए। 15,245 करोड़ रुपये का मंथली कंट्रिब्यूशन सिप के जरिए आया।"
उन्होंने कहा कि सालाना आधार पर म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 25 फीसदी बढ़ा। इससे लोगों की सेविंग्स में म्यूचुअल फंड्स की बढ़ती हिस्सेदारी का पता चलता है। डेट आधारति म्यूचुअल फंड्स की स्कीमों में भी निवेश बढ़ा। नेट इनफ्लो बढ़कर 82.467 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह जून में 1,296 करोड़ रुपये के मुकाबले 63 गुना है। ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड्स का AUM 4.5 फीसदी बढ़कर जुलाई में 46.11 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। जुलाई में यह 44.12 लाख करोड़ रुपये था। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो में अच्छी बढ़ोतरी में पांच न्यू फंड ऑफर्स (NFO) का भी हाथ रहा। जुलाई में NFO में कुल निवेश 3,011 करोड़ रुपये रहा।
मिडकैप-स्मॉलकैप सेगमेंट में ज्यादा निवेश
Morningstar India के मैनेजर रिसर्च (Associate Director) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, "जून के मुकाबले जुलाई में नेट इनफ्लो में गिरावट की वजह कुछ इनवेस्टर्स की मुनाफा वसूली रही। इसकी वजह यह है कि स्टॉक मार्केट्स ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए। दूसरी वजह यह हो सकती है कि कुछ निवेशकों ने निवेश करने के लिए बाजार में अनुकूल स्थिति का इंतजार करना पंसद किया होगा।" मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट्स में आई तेजी के निवेशक उत्साहित हैं। मिडकैप सेगमेंट में जुलाई 4,171 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। स्मॉलकैप सेगमेंट में 1,623 करोड़ रुपये का निवेश हुआ।