रमेश ने इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। लेकिन अचानक किसी जरूरत की वजह से रमेश को अपनी इंश्योरेसं पॉलिसी मेच्योरिटी से पहले ही सरेंडर करनी पड़ी। लेकिन रमेश को यह जानकारी नहीं थी कि मैच्योरिटी से पहले पॉलिसी सरेंडर करने पर टैक्स कितना लगता है? रमेश को यह जानकारी नहीं थी लेकिन क्या आप जानते हैं?
क्या था मामला?
रमेश ने 2010 से लेकर 2014 तक टोटल 15 लाख रुपए प्रीमियम चुकाए थे। हर साल वह 3 लाख रुपए प्रीमियम के तौर पर चुका रहे थे। उनके जमा किए रकम की टोटल वैल्यू 27.40 लाख रुपए थी। उनका यह इंश्योरेंस 2019 में मेच्योर हो रहा था।
ऐसे में अगर रमेश अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी मेच्योरिटी से पहले सरेंडर करते हैं तो उन्हें मिलने वाली पूरी रकम उनकी आमदनी का हिस्सा माना जाएगा। इस पर उन्हें 30 फीसदी के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। यानी उन्हें मिले 27.40 लाख रुपए पर 8.22 लाख रुपए सिर्फ टैक्स के तौर पर निकल जाएंगे।
अगर आप मेच्योरिटी तक इंतजार करते हैं तो उसके बाद आप एक तिहाई रकम बिना किसी टैक्स के निकाल सकते हैं। बाकी रकम आपको एन्युटी यानी पेंशन के तौर पर हर महीने मिलती रहेगी। एन्युटी पर टैक्स लगेगा लेकिन यह टैक्स आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से लगेगा।
