कोरोना वायरस से लड़ने के लिए क्या आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कारगर है? अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के कवरेज में कोरोना शामिल है लेकिन आपको कुछ शर्तों को जानना चाहिए।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए क्या आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कारगर है? अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के कवरेज में कोरोना शामिल है लेकिन आपको कुछ शर्तों को जानना चाहिए।
Corona के महामारी घोषित होने के बाद इंश्योरेंस कवर को लेकर लोगों के मन में शंकाएं हैं लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट मानते हैं पॉलिसी में ये बीमारी कवर है लेकिन फिर पॉलिसी की अपनी शर्तें होती हैं उसे जरूर ध्यान से पढ़ लें। अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कोरोना वायरस का कवरेज देती है। लेकिन अगर कोई कोरोना से पीड़ित होने के बाद पॉलिसी लेता है तो फिर उसमें इसके इलाज को कवर नहीं किया जाएगा।
कोरोना के डर से लोग हेल्थ इश्योरेंस को लेकर अलर्ट हो गए हैं। Policy Bazaar का कहना है पहले की तुलना में करीब 30-40 फीसदी ज्यादा डिमांड बढ़ी है। कवरेज का फायदा वेटिंग पीरियड के बाद ही मिलेगा। बीमा रेगुलेटर IRDA ने भी कोरोना वायरस के क्लेम को जल्द से जल्द निपटाने को कहा है। जाहिर है इस मुश्किल वक्त में हेल्थ इंश्योरेंस काफी मददगार साबित हो सकता है।
उधर कल हेल्थ मिनिस्ट्री की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ICMR के वैज्ञानिकों ने इस बात की जानकारी दी कि कोरोना वारयस का वैक्सीन बनने में कम से कम डेढ़ साल लगेगा। ICMR के वैज्ञानिक आर आर गंगाखेडकर ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को मानव पर इस्तेमाल करने लायक बनने में समय लगेगा। इसके लिए अभी तक का तजुर्बा भी ध्यान में रखना पड़ेगा। अगर वैक्सीन देने के बाद इंफेक्शन हुआ तो बहुत ज्यादा होगा। इसलिए इसमें बहुत सावधानी की जरूरत है।
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