EPFO : पिछले हफ्ते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 6 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को बड़ा झटका लगा। दरअसल, रिटायरमेंट फंड मैनेजर ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सालाना ब्याज दर 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी करने का फैसला किया है।
EPFO : पिछले हफ्ते कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 6 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को बड़ा झटका लगा। दरअसल, रिटायरमेंट फंड मैनेजर ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सालाना ब्याज दर 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी करने का फैसला किया है।
यह ईपीएफ (EPF) सेविंग में 43 साल में सबसे कम दर है, जिसने अंशदाताओं को खासा निराश किया है। हालांकि, फिर भी यह सबसे ज्यादा आकर्षक, कर बचत कराने वाली है और यह सब्सक्राइबर्स को सुरक्षित रिटर्न की पेशकश करती है। EPF को इनवेस्टमेंट, संग्रह करने और मैच्योरिटी पर टैक्स से छूट हासिल है।
वित्त वर्ष 2021-22 से ईपीएफ में अंशदान पर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा इंटरेस्ट पर टैक्स देना होगा।
कैसे काम करता है VPF
VPF या स्वैच्छिक भविष्य निधि आपके ईपीएफ अकाउंट का एक्सटेंशन है। आपकी कंपनी यानी इमप्लॉयर आपकी बेसिक सैलरी की 12 फीसदी रकम काट कर EPF अकाउंट में जमा करता है। कंपनी अपनी तरफ से 8.33% EPS में और 3.67% आपके EPF अकाउंट में जमा करती है। इस अमाउंट पर कितना ब्याज मिलेगा, इसकी दर EPFO हर साल तय करता है।
पूरी बेसिक सैलरी VPF में कर सकते हैं जमा
12 फीसदी अनिवार्य कटौती के अलावा, आप स्वैच्छिक रूप से EPF अकाउंट में ज्यादा अंशदान का विकल्प चुन सकते हैं, इसीलिए इसे स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) नाम दिया गया है।
आप अपनी पूरी बेसिक सैलरी VPF में जमा करने का विकल्प चुन सकते हैं, बाकी नियम समान रहते हैं। EPF की तरह इस अतिरिक्त निवेश पर समान ब्याज और टैक्स बेनिफिट मिलते हैं, लेकिन प्रीमैच्योर और आंशिक निकासी से जुड़ी बंदिशें लागू रहेंगी। इसलिए वीपीएफ पर भी इस साल आपको कम रिटर्न मिलेगा।
क्यों जारी रखना चाहिए VPF अंशदान
लैडर7 फाइनेंशियल एडवाइजरी के फाउंडर सुरेश सदागोपन ने कहा, “यह टैक्स फ्री, रिस्क फ्री रिटर्न की पेशकश करता है, हालांकि कुछ हिस्सा टैक्सेबल है। 8.1 फीसदी की ब्याज दर अभी भी काफी ज्यादा है। इसकी दूसरे साधनों से तुलना नहीं की जा सकती।”
PPF, 10 साल की सरकारी सिक्योरिटीज, लांग टर्म डेट म्यूचुअल फंड आदि की तुलना में यह ज्यादा आकर्षक है।
VPF में निवेश करना भी काफी आसान है। आप सभी को अपने इम्प्लॉयर की नीतियों की स्टडी करनी चाहिए और अपने एडमिनिसिट्रेशन डिपार्टमेंट को सूचित करें और इनवेस्ट करना शुरू कर दें। आपको इसके लिए कोई नया अकाउंट नहीं खुलवाना होता। आप जो अमाउंट या भाग सलेक्ट करेंगे, वह EPF अकाउंट में निवेश के लिए आपकी सैलरी से कट जाएगा।
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