EPFO ने ज्यादा पेंशन पर जारी किया सर्कुलर, जानिए एलिजिबिलिटी, एप्लीकेशन प्रोसेस से जुड़ी डिटेल

EPFO : ईपीएफओ ने ज्यादा पेंशन से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के नवंबर के आदेश को लागू करने के लिए अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को एक सर्कुलर जारी किया है। ईपीएफओ सर्कुलर (EPFO circular) ज्यादा पेंशन के लिए कर्मचारियों की इलिजिबिलिटी, जरूरी डॉक्युमेंट्स और एप्लीकेशन प्रोसेस पर विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत, एम्प्लॉई हर महीने अपने वेतन का लगभग 12 फीसदी प्रॉविडेंट फंड में कंट्रीब्यूट करते हैं और इतना ही एम्प्लॉयर जमा करता है

अपडेटेड Dec 30, 2022 पर 4:29 PM
सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ से जुड़े अपने फैसले में कहा, 31 सितंबर, 2014 से पहले रिटायर होने वाले वे कर्मचारी जिन्होंने 1995 स्कीम के तहत मिले ऑप्शन का इस्तेमाल किया था, वे इस पेंशन स्कीम के प्रोविजंस के तहत कवर किए जाएंगे

EPFO : ईपीएफओ ने ज्यादा पेंशन से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के नवंबर के आदेश को लागू करने के लिए अपने क्षेत्रीय अधिकारियों को एक सर्कुलर जारी किया है। ईपीएफओ सर्कुलर (EPFO circular) में ज्यादा पेंशन के लिए कर्मचारियों की इलिजिबिलिटी, जरूरी डॉक्युमेंट्स और एप्लीकेशन प्रोसेस पर विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत, एम्प्लॉई हर महीने अपने वेतन का लगभग 12 फीसदी प्रॉविडेंट फंड (provident fund) में कंट्रीब्यूट करते हैं और इतना ही एम्प्लॉयर जमा करता है। इम्प्लॉयर के कंट्रीब्यूशन में से 8.33 फीसदी ईपीएस में चला जाता है। हालांकि, इस उद्देश्य के लिए वेज सीलिंग (जो फिलहाल 15,000 रुपये है) लगी हुई है। दूसरे शब्दों में, हर महीने का पेंशन कंट्रीब्यूशन 1,250 रुपये से ज्यादा नहीं होता है।

किसे मिल सकती है ज्यादा पेंशन

EPFO ने कहा, यह सर्कुलर ऐसे कर्मचारियों से संबंधित है जिन्होंने ईपीएफ स्कीम के तहत ज्यादा वेतन पर योगदान दिया है और सेवानिवृत्ति से पहले अपने विकल्प का प्रयोग किया था, लेकिन संबंधित आरपीएफसी (RPFC) कार्यालय ने उनके विकल्प अनुरोध को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया गया था या ज्यादा वेतन पर योगदान वापस कर दिया गया था/ प्रॉविडेंट फंड अकाउंट्स में वापस भेज दिया गया था।


Pension Contributions : सुप्रीम कोर्ट ने ज्यादा पेंशन कंट्रीब्यूशन को दी मंजूरी, क्या कर्मचारियों को होगा कोई फायदा?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, 31 सितंबर, 2014 से पहले रिटायर होने वाले वे कर्मचारी जिन्होंने 1995 स्कीम के तहत मिले ऑप्शन का इस्तेमाल किया था, वे इस पेंशन स्कीम के प्रोविजंस के तहत कवर किए जाएंगे।

ज्यादा पेंशन के लिए कौन कर सकता है अप्लाई

-ऐसे पेंशनर्स जिन्होंने कर्मचारियों के रूप में 5,000 या 6,500 रुपये की वेज सीलिंग से ज्यादा सैलरी पर अंशदान किया।

-जिन्होंने EPS 1995 का सदस्य होते हुए प्री-अमेंडमेंट स्कीम पैरा 11(3) के प्रोविजन के तहत ज्वाइंट ऑप्शन का इस्तेमाल किया, और

- उनके इस ऑप्शन को चुनने के बाद पीएफ अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया।

पेंशनर्स कैसे कर सकते हैं अप्लाई?

-कमिश्नर द्वारा सुझाए गए तरीके के तहत और फॉर्म के जरिये अनुरोध करना होगा।

- सत्यापन के लिए आवेदन पत्र में पिछले सरकारी नोटिफिकेशन में दिए गए आदेश के अनुसार डिस्क्लेमर शामिल होगा।

-प्रॉविडेंट फंड से पेंशन फंड (अगर कोई है) के लिए समायोजित होने वाले शेयर की स्थिति में फंड फिर से जमा किया जा सकता है। इसके लिए, पेंशनर को एक एप्लीकेशन फॉर्म के जरिये सहमति देनी होगी।

-छूट प्राप्त प्रॉविडेंट फंड ट्रस्ट से पेंशन फंड को फंड ट्रांसफर करने की स्थिति में ट्रस्टी का एक शपथ पत्र जमा करना होगा। यह एक निश्चित समय के भीतर जमा करना होगा।

-ऐसे फंड्स के डिपॉजिट के तरीके बाद के सर्कुलर्स के जरिये सामने आएंगे।

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