Fed Emergency Meeting : अगले हफ्ते इंट्रेस्ट रेट्स बढ़ा सकता है फेडरल रिजर्व, क्या इंडियन मार्केट्स में आएगी बड़ी गिरावट?

अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट्स बढ़ने से इंडियन स्टॉक मार्केट्स में बड़ी बिकवाली हो सकती है। शुक्रवार को सेंसेक्स (Sensex) 773 अंक गिरकर 58,152 अंक पर बंद हुआ

अपडेटेड Feb 11, 2022 पर 4:58 PM
अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन (US Retail Inflation) बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाने की खबर से गुरुवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में बड़ी गिरावट आई।

अमेरिका में अगले हफ्ते इंट्रेस्ट रेट बढ़ सकता है। पहले वहां मार्च में इंट्रेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद थी। रिटेल इन्फ्लेशन बढ़कर 40 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाने के बाद फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने 14 फरवरी को इमर्जेंसी मीटिंग (Fed Emergency Meeting) बुलाने का फैसला किया है। उसने अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। फेडरल रिजर्व अमेरिका का केंद्रीय बैंक है।

अमेरिका में रिटेल इनफ्लेशन (US Retail Inflation) बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच जाने की खबर से गुरुवार को अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में बड़ी गिरावट आई। शुक्रवार को इसका असर इंडियन स्टॉक मार्केट्स पर भी पड़ा। सवाल है कि इसी महीने अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने का इंडियन मार्केट्स पर क्या असर पड़ेगा?

अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट्स बढ़ने से इंडियन स्टॉक मार्केट्स में बड़ी बिकवाली हो सकती है। शुक्रवार को सेंसेक्स (Sensex) 773 अंक गिरकर 58,152 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 231 अंक लुढ़क गया। इंडियन मार्केट्स में बीते कुछ हफ्तों से विदेशी फंडों की बिकवाली जारी है। इस साल अब तक फॉरेन इन्वेस्टर्स 5.58 अरब डॉलर मूल्य के शेयर बेच चुके हैं। पिछले साल इसी अवधि में उन्होंमने 5.08 अरब डॉलर की खरीदारी इंडियन मार्केट्स में की थी।


हालांकि, कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि इस बार फेडरल रिजर्व के इंट्रेस्ट रेट बढ़ाने के असर के लिहाज से इंडियन मार्केट अच्छी स्थिति में हैं। दूसरा, इंडियन मार्केट पर पहले ही इसका काफी असर पड़ चुका है। हालांकि, इसके चलते बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। न सिर्फ इंडिया में बल्कि दूसरे उभरते बाजारों में भी बिकवाली हो सकती है। इंडियन मार्केट में इसलिए ज्यादा बिकवाली हो सकती है, क्योंकि पिछले साल अक्टूबर में आई तेजी के बाद शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ गई है।

हालांकि, इंडियन मार्केट के लिए अच्छी बात यह है कि इस बार डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने बाजार को काफी सहारा दिया है। फॉरेन फंडों की बिकवाली के बीच उन्होंने घरेलू बाजार में खरीदारी की है। यही वजह है कि इंडियन मार्केट में विदेशी फंडों की बिकवाली के बावजूद बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आई है। अगले हफ्ते विदेशी फंडों की बिकवाली के बीच घरेलू फंड बाजार को सहारा दे सकते हैं। इंडिया में म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस इंडस्ट्री की ग्रोथ से घरेलू संस्थागत निवेशकों की ताकत बढ़ी है।

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