Income Tax Savings News: मार्च में फाइनेंशियल ईयर 2022 खत्म हो जाएगा और अगर आपने इनकम टैक्स बचाने के लिए कई निवेश नहीं किया है तो आपका टैक्स ज्यादा कट सकता है। इसीलिए जरूरी है कि मार्च खत्म होने से पहले एकबार आप अपना निवेश देख लें। अगर आपने टैक्स सेविंग्स के लिए जरूरी इनवेस्टमेंट नहीं किया है तो 31 मार्च से पहले कर सकते हैं। उसके बाद नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो जाएगा और आप फिर कुछ नहीं कर पाएंगे।
अगर आप भी इस बात से परेशान हैं कि कहां निवेश किया जाए तो इसमें हम आपकी मदद कर रहे हैं।
सबसे जरूरी है यह चेक करना की 80C का पूरा इस्तेमाल किया है या नहीं। इस सेक्शन के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक का इनवेस्टमेंट कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है।
इसके तहत पीपीएफ (PPF), सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS), लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, NSC, दो बच्चों की ट्यूशन फीस, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम्स आती हैं। अगर आपने होम लोन लिया है तो उसका प्रिंसिपल भी इस सेक्शन के दायरे में आएगा।
एक बार चेक कर लें कि आपने सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का निवेश किया है या नहीं। अगर आपका इनवेस्टमेंट इस लिमिट से कम है तो बाकी निवेश आप 31 मार्च से पहले कर दें।
मुंबई की सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लानर पारुल माहेश्वरी ने कहा, "यह देखना सही है कि आपने कितना इनवेस्ट किया है। आपने जितना इनवेस्टमेंट किया है, उतने पर ही आपको डिडक्शन मिलेगा। इससे आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी घट जाएगी।"
PPF अकाउंट हो तो क्या करें?
अगर आपका PPF अकाउंट है तो चेक कर लें कि आपने उसमें इनवेस्ट किया है या नहीं। हर साल PPF में कम से कम 500 रुपये का कंट्रिब्यूशन जरूरी है। अगर आपने सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) ली है तो इसमें भी साल में न्यूनतम कंट्रिब्यूशन जरूरी है। इसमें कम से कम 250 रुपये कंट्रिब्यूट करना होगा।
अगर आपके लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बाकी है तो उसे आप चुका सकते हैं। इससे आपकी पॉलिसी जारी रहेगी और डिडक्शन का भी फायदा मिलेगा।
जल्दीबाजी में फंस ना जाएं
हां, जल्दबाजी में आपको टैक्स बचाने के लिए होम लोन लेने या ट्रेडिशनल लाइफ इश्योरेंस पॉलिसी खरीदने की जरूरत नहीं है। ये लंबी अवधि के कमिटमेंट्स होते हैं। इसलिए सोचसमझ कर ही इनके बारे में फैसला करना ठीक है।
ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मठपाल ने कहा, "अगर आप जल्दबाजी में हैं तो आप एनएससी और म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग्स स्कीम में इनवेस्ट कर सकते हैं।"
अगर आपने 80C के तहत पूरा इनवेस्ट कर लिया है तो आप NPS में अतिरिक्त 50,000 रुपये इनवेस्ट कर सेक्शन 80CCG1B के तहत डिडक्शन का दावा कर सकते हैं। थोड़ा रिस्क लेने वाले इनवेस्टर्स के लिए म्यूचुअल फंड की ELSS स्कीम सही है। लेकिन, चूंकि यह इनवेस्टमेंट शेयर्स से जुड़ा है, जिससे कई निवेशक इसमें जोखिम देख सकते हैं।
मेडिक्लेम पॉलिसी से भी बचा सकते हैं पैसा
मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने पर सालाना 25,000 रुपये खर्च कर टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है। आप खुद, बच्चों और पत्नी के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके 25,000 रुपये तक के प्रीमियम पर आपको टैक्स छूट मिलेगी।
सीनियर सिटीजन के लिए मेडिक्लेम पॉलिसी खरीदने के लिए सालाना 50,000 रुपये के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है।