क्रिप्टो मार्केट में गिरावट का असर दूसरे एसेट क्लासेज पर भी पड़ेगा : मार्क मोबियस

मोबियस ने एलआईसी के आईपीओ के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि सरकार ज्यादा सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इससे स्टॉक मार्केट को मजबूती मिलेगी और ग्लोबल लेवल पर इंडिया एक अहम मार्केट बनेगा

अपडेटेड Feb 16, 2022 पर 10:55 AM
MARK MOBIUS ने इंडिया के बारे में कहा कि मैं अब भी इंडिया को लेकर बहुत पॉजिटिव हूं। यहां ऐसा माहौल है, जिसमें ग्रोथ बहुत अच्छी है और हमें इंडिया में बने रहना है।

मशहूर इन्वेस्टर मार्क मोबियस (Mark Mobius) का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में गिरावट का असर दूसरे एसेट क्लासेज पर भी देखने को मिलेगा। उन्होंने CNBC-TV18 के साथ बातचीत में इंडियन स्टॉक मार्केट्स (Stock Markets) से लेकर एलआईसी के आईपीओ (LIC IPO) तक के बारे में खुलकर चर्चा की। आइए जानते हैं इंडियन मार्केट्स को लेकर उनकी क्या सोच है।

मोबियस ने कहा कि दिक्कत यह है कि क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें अगर गिरती हैं तो इसका असर दूसरे मार्केट्स पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लाखों लोग क्रिप्टो से हुई कमाई से खुद को रिच महसूस कर रहे हैं। इसलिए अगर क्रिप्टो में गिरावट जारी रहती है तो वे खुद को कम रिच महसूस करेंगे। फिर, वे दूसरे मार्केट्स से पैसे निकालेंगे। यह भी एक वजह है कि हम दूसरे सभी मार्केट्स में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देख रहे हैं।

इंडियन स्टॉक मार्केट्स के बारे में उन्होंने कहा कि अभी माहौल थोड़ा खराब दिख रहा है। मार्केट में और 10 फीसदी की गिरावट आ सकती है। लेकिन, यह सिर्फ एक अनुमान है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि हम अब भी लॉन्ग टर्म बुल मार्केट में हैं। अभी इंतजार करना और थोड़ा कैश हाथ में रखना ठीक होगा ताकि जब मार्केट में गिरावट आए तो आप खरीदारी कर सकें।" उन्होंने कहा कि अभी जरूरी है कि आप कमाई की अच्छी संभावना वाली कंपनियों में इन्वेस्ट करें।


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ग्लोबल इंट्रेस्ट रेट्स हाइक के बारे मे मोबियस ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंट्रेस्ट बढ़ाने में थोड़ा लेट हो चुका है। अमेरिका में इनफ्लेशन 7 फीसदी से ज्यादा हो जाने पर फेडरल रिजर्व इंट्रेस्ट रेट्स में ज्यादा वृद्धि कर सकता है, जिससे लोगों को मिल रहे पॉजिटिव रियल इंट्रेस्ट पर भी असर पड़ सकता है। मैं नहीं सोचता कि फेड के प्राइस हाइक का पूरा असर मार्केट्स पर पड़ चुका है। आप आगे और उतार-चढ़ाव और बिकवाली देख सकते हैं।

इंडिया के बारे में उन्होंने कहा कि मैं अब भी इंडिया को लेकर बहुत पॉजिटिव हूं। यहां ऐसा माहौल है, जिसमें ग्रोथ बहुत अच्छी है और हमें इंडिया ने बने रहना है। 50 फीसदी से ज्यादा फॉरेन इन्वेस्टर्स इंडिया में ईटीएफ पर डिपेंड कर रहे हैं और इसका मतलब है कि वे इंडेक्स को फॉलो कर रहे हैं। हमें उन कंपनियों पर फोकस करना होगा, जिनमें उतार-चढ़ाव का सामना करने की कैपेसिटी है। कम कर्ज, अच्छी ईपीएस ग्रोथ और कैपिटल पर गुड रिटर्न वाली कंपनियां हमारे रडार पर होनी चाहिए।

मोबियस ने एलआईसी के आईपीओ के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि सरकार ज्यादा सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इससे स्टॉक मार्केट को मजबूती मिलेगी और ग्लोबल लेवल पर इंडिया एक अहम मार्केट बनेगा। जैसे-जैसी कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्ट होंगी, इंडियन मार्केट्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि एलआईसी बहुत बड़ी कंपनी है। इसलिए मुझे लगता है कि बड़े फॉरेन इन्वेस्टर्स इसमें इन्वेस्ट करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि बाद में यह बड़े सूचकांकों का हिस्सा बनेगी। हालांकि, बाजार की मौजूदा स्थितियों को देखकर हमें लगता है कि इस आईपीओ को उतना रिस्पॉन्स नहीं मिलेगा, जितना सामान्य टाइम में मिल सकता था।

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